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महतारी वंदन योजना: 6234 महिलाओं के नाम कटे, नए आवेदन पर सरकार का फैसला अब तक नहीं

Mahtari Vandan Yojana 2026: अप्रैल 2024 में जिले में 2 लाख 95 हजार 250 महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा था, जो अब घटकर 2 लाख 89 हजार 16 रह गई है। संभावना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और कम हो सकती है।
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Mahtari Vandan Installment 2026

महतारी वंदन योजना (photo source- Patrika)

Mahtari Vandan Yojana: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर रही है। इस योजना के तहत कोरबा जिले में हर महीने 28 करोड़ 90 लाख 16 हजार रुपये महिलाओं के खातों में भेजे जा रहे हैं।

कोरबा जिले में वर्तमान में 2 लाख 89 हजार 16 महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है। ये आंकड़े जून 2026 तक के हैं। हालांकि, इन आंकड़ों पर गौर करें तो अलग-अलग कारणों से महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की संख्या लगातार घट रही है। अप्रैल 2024 में जिले में 2 लाख 95 हजार 250 महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा था, जो अब घटकर 2 लाख 89 हजार 16 रह गई है। संभावना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और कम हो सकती है।

केवाईसी (KYC) नहीं होना सबसे बड़ी वजह

इसकी सबसे बड़ी वजह समय पर केवाईसी (KYC) नहीं होना है। महिला एवं बाल विकास विभाग योजना के हितग्राहियों का सत्यापन करा रहा है। पहले चरण में शिविर लगाकर सत्यापन कराया गया, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। अब दूसरे चरण में जिन हितग्राहियों का सत्यापन नहीं हो पाया है, उनके घर-घर पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सत्यापन कराने का प्रयास कर रही हैं। इसके लिए हितग्राहियों से लगातार संपर्क भी किया जा रहा है।

यह अभियान जुलाई तक पूरा किया जाना है और अब इसमें केवल एक सप्ताह का समय बचा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई तक जिन हितग्राहियों का केवाईसी पूरा नहीं होगा, उन्हें योजना का लाभ जारी रहेगा या नहीं, इसका निर्णय प्रदेश सरकार करेगी।

नाम योजना की सूची से हटाए जाने की संभावना

केवाईसी की समय-सीमा पूरी होने के बाद जिन हितग्राहियों का सत्यापन नहीं होगा, उनके नाम योजना की सूची से हटाए जाने की संभावना है। दूसरी ओर, समय-समय पर बड़ी संख्या में महिलाएं योजना में शामिल किए जाने की मांग लेकर प्रशासन के पास पहुंच रही हैं। उनका कहना है कि पहले चरण में उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।

कई महिलाओं का आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा डेटा एंट्री में हुई त्रुटियों के कारण उनके आवेदन निरस्त हुए। ऐसी महिलाएं दोबारा आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रही हैं, ताकि वे योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। हालांकि, फिलहाल सरकार के रुख से यह संकेत नहीं मिल रहा है कि जल्द नए हितग्राहियों को योजना में शामिल किया जाएगा।

छह हजार से अधिक आवेदन लंबित

हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलाए गए सुशासन तिहार (सुराज अभियान) के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किए। हालांकि, इन आवेदनों पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के पास 6 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं।

अगस्त 2025 में मिले थे 2.95 लाख से अधिक आवेदन

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, अगस्त 2025 तक महतारी वंदन योजना के लिए 2 लाख 95 हजार 706 आवेदन प्राप्त हुए थे और सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा था। वर्तमान में यह संख्या घटकर 2 लाख 89 हजार 16 रह गई है।

आवेदन प्रक्रिया खुली तो बढ़ेगा सरकारी खर्च

महतारी वंदन योजना के तहत कोरबा जिले की हितग्राही महिलाओं को हर महीने करीब 28 करोड़ 90 लाख रुपये और सालाना लगभग 346 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में 6 हजार से अधिक आवेदन अभी भी लंबित हैं। यदि प्रदेश सरकार नए आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करती है, तो योजना का वित्तीय भार और बढ़ेगा। यही कारण माना जा रहा है कि फिलहाल सरकार नए हितग्राहियों को योजना में शामिल करने को लेकर कोई निर्णय नहीं ले रही है।