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छत्तीसगढ़ के इस जिले में कई लोगों को नहीं मिला फरवरी का चावल, मार्च के लिए भी संकट, पीडीएस सिस्टम फेल!

Korba News: अमानक चावल की जांच और अफरा तफरी के मामलों से निपटने के लिए काफी समय तक पीडीएस दुकानों को चावल का आवंटन रोका गया था। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के साथ-साथ उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर भी पड़ा है।

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ई-केवाईसी ( File Photo - Patrika )

ई-केवाईसी ( File Photo - Patrika )

CG News: अमानक चावल की जांच और अफरा तफरी के मामलों से निपटने के लिए काफी समय तक पीडीएस दुकानों को चावल का आवंटन रोका गया था। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के साथ-साथ उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर भी पड़ा है।

स्थिति यह है कि फरवरी माह का सम्पूर्ण आवंटन अब तक दुकानों तक नहीं पहुंच पाया है। इसी बीच अब एक नया आदेश आया है। जिसके अनुसार मार्च माह का वितरण शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जिसके बाद पीडीएस दुकान संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। वह संशय में हैं कि मार्च महीने के चावल का आवंटन कैसे होगा? जबकि उन्हें फरवरी माह का ही पूरा आबंटन अब तक नहीं मिला है।

कोरबा जिले में बीपीएल वर्ग के लगभग तीन लाख 22 हजार से अधिक तो एपीएल वर्ग के लगभग तीस हजार से अधिक उपभोक्ता है वितरण प्रणाली में अनियमिता सभी परेशान हैं। उचित मूल्य दुकान संचालकों का कहना है कि फरवरी में केवल एक बार आवंटन मिला था, इसके बाद व्यवस्था नहीं बन पाई है। जबकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन के निर्देशों के अनुसार ही आवंटन प्रदाय किया जा रहा है। पीडीएस संचालकों को पिछले सात महीनों से कमीशन की राशि का भुगतान नहीं किए जाने की जानकारी भी सामने आयी है।

तकनीक बन रही बाधा अप्रैल में मिल सकता है अधिक आवंटन

पूरी व्यवस्था ऑनलाइन माध्यम के जरिए होती है। सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण पांच दिनों तक राशन वितरण पूरी तरह से बंद रहा। अब 26 मार्च से 31 मार्च के बीच वितरण शुरू होने की संभावना है। मौजूदा हालात को देखते हुए इस पर भी संशय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार मार्च माह समाप्त होने के बाद अप्रैल में तीन माह (अप्रैल, मई और जून) का राशन एक साथ वितरित करने की योजना संभावित है।

जरूरत के मुताबिक नहीं हो रहा भंडारण

एक तरफ नान और खाद्य विभाग के अधिकारी पर्याप्त मात्रा में भंडारण के दावे कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ पीडीएस दुकान संचालक अपर्याप्त भंडारण की बात कह रहे हैं। फिलहाल, अतिरिक्त ट्रांसपोर्टरों की व्यवस्था कर भंडारण सुधारने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फरवरी और मार्च के संयुक्त वितरण की मौजूदा व्यवस्था को दुरुस्त किए बिना समस्या का समाधान होता नजर नहीं आ रहा।