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आखिर क्यों विधानसभा चुनाव में नामांकन के बाद से गायब हो गया ये प्रत्याशी

- नामांकन पर किए गए दावा आपत्ति की सुनवाई के दौरान भी विकास उपस्थित नहीं था

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कोरबा

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Shiv Singh

Nov 06, 2018

आखिर क्यों विधानसभा चुनाव में नामांकन के बाद से गायब हो गया ये प्रत्याशी

आखिर क्यों विधानसभा चुनाव में नामांकन के बाद से गायब हो गया ये प्रत्याशी

कोरबा. बिहार से रोजी मजदूरी करने आया विकास विधानसभा चुनाव में नामांकन के बाद से गायब है। विकास की तलाश उसके गांव से आए अन्य मजदूर भी कर रहे हैं। लेकिन विकास नहीं मिल रहा है। उसकी खबर जानने के लिए मजदूर गृहगांव लखीसराय में भी सम्पर्क कर रहे हैं।

पेशे से राजमिस्त्री विकास कुमार महतो नेशनलिस्ट कॉग्रेस पार्टी की टिकट पर विधानसभा की कोरबा सीट से चुनाव लड़ रहा है। रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष विकास ने दो नामांकन दायर किया है। इसके बाद से गायब है। उसके नामांकन पर किए गए दावा आपत्ति की सुनवाई के दौरान भी विकास उपस्थित नहीं था। सोमवार को नामांकन पत्रों की वापसी के दौरान भी मीडियाकर्मी विकास की बांट जोहते देखे गए, लेकिन विकास नजर नहीं आया। इतना ही नहीं नामांकन फार्म में जो पता दिया गया है वो वहां भी मौजूद नहीं है। विकास के गांव से कमाने आए मजदूर दिनेश तांती भी पतासाजी में लगा है। कोरबा से लेकर विकास के गृहगांव लखीसराय के एंजनीघाट में राजमिस्त्री व कोरबा विधानसभा प्रत्याशी की तलाश की जा रही है। वह कहां है? जानकारी उसके सहयोगियों को भी नहीं है।

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शपथ पत्र में 12 बार बिकास लिखकर किया हस्ताक्षर
मतदाता सूची में राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रत्याशी का नाम विकास कुमार महतो है। जबकि उसने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष नामांकन पत्र के दौरान जमा किए शपथ पत्र पर अपना नाम बिकास लिखा है। एक दो बार नहीं उसने १३ बार बिकास लिखा है।

प्रत्याशी को घड़ी मिला है चुनाव का चिन्ह
विकास कुमार महतो बिहार के लखीसराय जिले के गांव एंजनीघाट का मूृल निवासी है। कोरबा के बायपास रोड में रहकर राजमिस्त्री का काम करता है। ये चर्चा में तब आया जब इसने कोरबा विधानसभा सीट ने अपना नामांकन कर दिया है। बकायदा इसे चुनाव चिन्ह घड़ी भी मिल गया है।

-चुनाव लडऩे की खबर के बाद से हम उसकी पतासाजी कर रहे हैं, उसके पते पर भी गए हैं लेकिन नहीं मिला है। उसके गांव में भी संपर्क किया जा रहा है- दिनेश तांती, मित्र