
कोरबा . एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित कोल इंडिया सब कमेटी की बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। बैठक में कोल इंडिया ने सशर्त वीआएस का प्रस्ताव रखकर वीआरएस से रिक्त होने वाले पद खत्म करने की बात कही। इसका सभी श्रमिक संगठनों ने एक स्वर में विरोध करते हुए कोल इंडिया के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इसे दोबारा तैयार करने के लिए कहा।
गुरुवार को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में कोल इंडिया सब कमेटी की बैठक हुई। इसमें अलग-अलग कंपनियों से श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में दिन भर अनुकंपा नियुक्ति और जनरल वीआरएस का मामला गरमाया रहा। प्रबंधन ने एक प्रस्ताव रखा। इसमें बताया कि वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों का रिक्त पद खत्म कर दिया जाएगा। इसका सभी श्रमिक संगठनों ने एक स्वर में विरोध किया। कोल इंडिया से प्रस्ताव को वापस लेने के लिए कहा। साथ ही इसे दोबारा तैयार करने की मांग। श्रमिक संगठन इससे भी नाराज थे कि प्रबंधन ने वीआरएस की गणना में भी संशोधन की बात कही। प्रबंधन से खदानवार सरप्लस मेन पॉवर को भी पूछा। लेेकिन प्रबंधन संतोष जनक जानकारी नहीं उपलब्ध करा सका। श्रमिक संगठनों का रूख को भांपते हुए प्रबधन ने वीआरएस का प्रस्ताव वापस ले लिया। बैठक में एसईसीएल सीएमडी बीआर रेड्डी, नाथूलाल पांडे, डीडी रामानंदन, बीके राय और रमेन्द्र कुमार सहित अन्य श्रमिक नेता उपस्थित थे।
सब कमेटी कोल इंडिया के सदस्य नाथूलाल पांडे का कहना है कि वीआरएस प्रस्ताव में प्रबंधन ने पद खत्म करने बात कही। इसे सभी यूनियन ने खारिज कर दिया। कोल इंडिया में नई मेडिकल स्कीम लागू होने तक सेवा निवृत्त कर्मचारियों को पुराने स्कीम का लाभ मिलेगा। इसपर प्रबंधन ने सहमति व्यक्त की है।
टेक्निकल महिला स्टॉफ को वीआरएस नहीं
सब कमेटी की बैठक में महिला कर्मचारियों के स्थान पर उनके पुत्र को नौकरी देने पर भी चर्चा हुई। प्रबंधन ने टेक्निकल पद पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों को वीआएस का लाभ नहीं देने की बात कही। पूर्व में जमा किए आवेदन पत्रों पर कार्रवाई की बात कही।
मेडिकल स्कीम का ड्राफ्ट अपेक्स को
बैठक में सेवा निवृत्त कर्मचारियों के मेडिकल स्कीम पर भी चर्चा हुई। इसका लाभ लेने वाले कर्मचारियों को अस्पताल में क्या सुविधाएं दी जाएगी। इस पर ड्राफ्ट तैयार कर अपेक्स कमेटी को भेजने पर सहमति बनी। कोल इंडिया ने ४० हजार रुपए अंशदान करने पर सेवा निवृत्त कर्र्मचारियों के लिए आठ लाख रुपए की मेडिकल सुविधा देने पर सहमति दी है। गुरुवार की बैठक में तय हुआ कि जब तक सेवा निवृत्त कर्मचारियों के लिए नई मेडिकल स्कीम लागू नहीं होती तब तक पुरानी स्कीम का लाभ दिया जाएगा।
Updated on:
19 Jan 2018 11:06 am
Published on:
19 Jan 2018 09:57 am
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