
पाड़ीमार जोन में आठ हजार उपभोक्ता, बिजली बिल की ढेरों शिकायतें, सुधारने के लिए सिर्फ एक कर्मचारी
कोरबा. पाड़ीमार जोन में 8000 से अधिक वितरण विभाग के उपभोक्ता हंै। इस जोन ेमें बिजली बिल में ढेरों शिकायतें सामने आ रही हैं। लेकिन इसे सुधारने के लिए विभाग ने सिर्फ एक कर्मचारी ही नियुक्त किया है। ऐसे में हर रोज बिजली बिल सुधार के लिए पहुंचने वाले लोगों में विवाद की स्थिति रहती है। पाड़ीमार जोन के अन्तर्गत बुधवारी, काशीनगर, पथर्रीपारा, सीएसईबी कॉलोनी, कोसाबाड़ी, आरपीनगर, शिवाजीनगर, एमपीनगर, खरमोरा, इण्डस्ट्रीयल एरिया, रिस्दी, बालको, भदरापारा, परसाभाठा समेत अन्य मोहल्ले शामिल है। पिछले कुछ महीनों से बिजली बिल में काफी लापरवाही बरती जा रही है। अधिकांश जगह बगैर मीटर रीडिंग के बिल थमाया जा रहा है। एक-एक महीने में तीन से चार हजार का बिल दिया जा रहा है। ऐसे में लोग जब बिल सुधार के लिए पहुंच रहे हैं तो उनको कई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएसईबी कॉलोनी पूर्व के एक तंगहाल मकान में संचालित दफ्तर में खड़े होने तक की जगह नहीं है। महिलाएं, बुजुर्ग बाहर पार्किंग में फर्श पर बैठे रहते हैं। पीने के लिए पानी तक की सुविधा नहीं है। कार्यालय में बिजली बिल सुधार के लिए एक मात्र कर्मचारी है जो कि सुबह ११ बजे से लेकर दो बजे तक ही बिजली बिल सुधार कार्य करता है। हर रोड ५० से ६० लोग शिकायत लेकर पहुंचते हैं। एक बिल को सुधारने के लिए पांच से १० मिनट का समय लगता है। ऐसे में एक दिन में २० से ३० बिल ही सुधर पाता है। इसके अतिरिक्त बिलों को दूसरे दिन के लिए रख दिया जाता है। लोगों की शिकायत है कि उन बिल को कई बार रद्दी में डाल दिया जाता है। गर्मी के दिनों में खपत के साथ बिजली बिल में भी शिकायतें आ रही है।
मीटर रीडिंग नहीं हो रहा, खुद फोटो खींचकर लाना पड़ रहा
इस क्षेत्र में मीटर रीडिंंग लगभग पूरी तरह से बंद है। मीटर रीडिंग करने वाले कर्मी अपने हिसाब से रीडिंग लिखते हैं। इनकी पोल कब खुलती है जब उपभोक्ता मीटर रीडिंग की फोटो खींचकर कार्यालय पहुंचते हैं। कई बिल में तीन सौ से चार सौ युनिट तक की अंतर भी सामने आ चुका है।
Published on:
18 Jun 2018 09:39 pm
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