
आदिशक्ति की आस्था और भक्ति में डूबा ऊर्जाधानी, माता के दरबार में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
कोरबा. नवरात्र पर्व में मां आदिशक्ति की पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। बरसते मेघा के बीच मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। जगह-जगह मां जगदंबा की प्रतिमा मंत्रोपचार से स्थापना की गई है। माता के दरबार मनोकामना ज्योतिकलश से जगमगा उठे। श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।
रविवार की पहली किरण के साथ नवरात्र की धूम शुरू हो गई। मंदिरों में घट स्थापना की गई। अखंड ज्योतिकलश मंदिर जगमगा उठी। ऊर्जाधानी के विभिन्न स्थानों में मां आदिशक्ति की सुसज्जित पंडाल छटा बिखेर रही है। मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। इसी के साथ भक्तों का व्रत भी प्रारंभ हो गया है। अश्विन माह के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा को मेघा जमकर बरसी। कई श्रद्धालुओं भक्ति ऐसी कि बरसते हुए पानी में भीगकर अखंड ज्योतिकलश प्रज्जवलित करने पहुंचे। वहीं शाम को बारिश थमते ही मां सर्वमंगला मंदिर में माता के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लग गई। मंदिर में बजते घंटी और जयकारे से परिसर गुंजायमान देर रात तक होता रहा। श्रद्धालुओं में काफी उमंग और उत्साह देखने को मिला। मंदिर के पुजारी ने बताया कि रविवार को शुभ मुहूर्त पर अखंड जयोतिकलश प्रज्जवलित किया गया। नवरात्र के नौ दिनों तक माता की नित्य दिन पूजा-अर्चना होगी। इसी तरह मां भवानी मंदिर, दादरखुर्द कंकालीन मंदिर, वैष्णोदेवी दरबार, चैतुरगढ़ महिषासुर मर्दनी, कोसगाई मंदिर, रानी रोड दुर्गा मंदिर, कोसाबाड़ी दुर्गा मंदिर सहित आदि मंदिरों में भक्तों की मनोकामना अखंड ज्योतिकलश से जगमगा रही है।
गरबा की रही धूम
विभिन्न समितियों ने दुर्गा पंडाल व सार्वजनिक भवन में गरबा उत्सव का आयोजन किया गया है। नवरात्रि के प्रथम दिन से ही गरबा की धूम रही। भक्तों ने गरबा नृत्य कर माता की आराधना की। शहर के एमपी नगर दुर्गा पंडाल, आरपी फेस वन, बालको, जमनीपाली, शिवाजी नगर, सीएसईबी कॉलोनी, पाटीदार भवन, दीपका सहित अन्य क्षेत्रों में मां दुर्गा और फिल्मी गीतों पर बच्चे, युवक-युवती व अन्य श्रद्धालुओं पैर थिरकते रहे। कार्यक्रम का आयोजन देर रात तक चलता रहा।
भव्य पंडालों में विराजी मां दुर्गा
शहर के घंटाघर स्थित एमपी नगर में मां दुर्गा की प्रतिमा छत्तीसगढ़ महतारी के थीम स्थापित की गई है। माता के श्रृंगार छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की छटा बिखेर रही है। यह श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसी तरह एनटीपीसी जमनीपाली शॉपिंग काम्पलेक्स, बालको, दीपका, कुसमुंडा सहित अन्य स्थानों पर प्रतिमा स्थापित की गई।
मां शैलपुत्री की हुई अराधना
नवरात्रि के पहले दिन भक्तों ने मां शैलपुत्री की अराधना की। मान्यता के अनुसार पर्वतों के राजा हिमालय के घर में पुत्री का जन्म हुई थी। मां शैलपुत्री ने अपनी भुजाओं में त्रिशुल और कमल का फूल धारण की है। सोमवार को नवरात्र के दूसरे दिन ब्रम्हचारिणी की पूजा की जाएगी।
Published on:
30 Sept 2019 02:15 pm
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