
सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर सवाल
कोरबा. हाल ही में दीपका-हरदीबाजार बाइपास सड़क का निर्माण कराया गया है। पहली ही बारिश की बौछार पड़ते ही सड़क की परत उखडऩे लगी है। कई जगह पर सड़क अंदर धंसने लगी है। ऐसे में सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
हरदीबाजार से लेकर दीपका मार्ग पर भारी वाहनों के दबाव की वजह से आएदिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं हो रही थी। ग्रामीणों के कई बार चक्काजाम को देखते हुए एसईसीएल द्वारा बाइपास मार्ग की स्वीकृति दी गई। बाइपास मार्ग हरदीबाजार के आगे अमगांव चौक से शुरू होकर खदान के बीच से होते हुए सीधे दीपका से जुड़ती है।
लगभग चार किलोमीटर के इस मार्ग के निर्माण को लेकर एसईसीएल द्वारा शुरू से ही लेटलतीफी की गई। वर्तमान सीजीएम के पद्भार ग्रहण करने के बाद पिछले महीने इस सड़क के काम को पूरा कराया गया। लेकिन इस सड़क में जहां भी खदान क्षेत्र का हिस्सा है। वहां पर कई जगह से सड़क धंसने लगी है। तो परत भी उखड़ रही है।
दोनों ही मार्ग पर चल रहे भारी वाहन, आम लोगों को राहत नहीं
बाइपास सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद अधिकारियों द्वारा दावा किया गया था कि पुरानी सड़क पर दो पहिया, चार पहिया व छोटे वाहनों का परिवहन होगा। जबकि नए बाइपास मार्ग पर कोयलालोड वाहन चलेंगे। जिससे बीच में आने वाले कई गांव के लोगों को आसानी होगी। लेकिन वर्तमान स्थिति में दोनों ही सड़कों पर भारी वाहनों का परिवहन हो रहा है। जिससे आम लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
आठ करोड़ रूपए की सड़क, पर ड्रेनेज की समस्या
इस आठ करेाड़ रूपए की नई सड़क में ड्रेनेज को लेकर समस्या आ रही है। दरअसल खदान क्षेत्र के बीच से गुजरी सड़क पर अंदूरनी पानी का रिसाव होता रहता है। जिसे लेकर ड्रेनेज की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए थी। इसके आलावा भी कई जगह सड़क की परत उखडऩे लगी है। ठेकेदार के काम पर अधिकारियेां द्वारा नजर नहीं रखी गई थी।
ब्लास्टिंग से भी सड़क को खतरा
स्थानीय लोगों की मानें तो ब्लास्टिंग की वजह से भी सड़क को नुकसान हो रहा है। दरअसल सड़क खदान के बीच से गुजरी है। जब भी खदान के भीतर ब्लास्टिंग होती है तो उसका असर सड़क के नीचे फिलिंग की गई मिटट्ी पर भी पड़ती है। मिटट्ी के कटाव से ऊपर की डामर भी धंसने लगती है।
-सड़क का निरीक्षण किया गया था। खदान के बीच से गुजरी सड़क एक जगह से कई बार धंस चुकी है। संभावना लग रही है कि अंदर कहीं से पानी का रिसाव हो रहा है। मौसम ठीक होते ही सुधार कार्य करवाया जाएगा।
-यूके सिंह, सीजीेएम, एसईसीएल दीपका
Published on:
19 Jul 2018 10:47 am
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