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Ajab Gajab : जब पुलिस चौकी पहुंचा बारिश में भीगा बंदर, जवानो ने केले देकर थोड़ा पुचकारा तो हुआ कुछ ऐसा

पुलिस वालों ने केला मंगाकर खिलाया
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 18 Jul 2018, 9:50 PM IST

पुलिस वालों ने केला मंगाकर खिलाया

पुलिस वालों ने केला मंगाकर खिलाया

कोरबा. सीएसईबी पुलिस चौकी में एक बंदर आकर्षण का केन्द्र बना रहा। तेज बारिश के बीच बंदर चौकी प्रभारी के कमरे में पहुंंच गया। भगाने के बाद भी नहीं हटा पुलिस वालों ने केला मंगाकर खिलाया। इसे खाने के बाद बंदर प्रभारी के कमरे में पर्दा से शरीर को साफ करने लगा। पुलिस को लगा कि शायद बंदर की तबियत खराब है।

पुलिस ने उसे टॉबेल दिया। इसमें हाथ पैर को साफ करने के बाद बंदर इधर, उधर घुमने लगा। नहीं हटा तो पुलिस ने बंदर को पकड़ लिया। उसे सरकारी गाड़ी में बैठाकर पुलिस कर्मी इलाज कराने पशु चिकित्सक के पास जा रहे थे।

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लेकिन रास्ते में बुधवार सुबह लगभग 11.30 बजे बंदर पुलिस की गाड़ी से कूदकर बाहर निकल गया। पुलिसकर्मी चौकी लौट आए। इसके आधे घंटे बाद बंदर भी दोबारा आ गया। पुलिसकर्मी बंदर को पकड़कर दोबारा ले जा रहे थे। जिला जेल के पीछे स्थित पशु चिकित्सा विभाग के पहुंचे। लेकिन उतरते समय बंदर दोबारा गाड़ी से कूदकर पेड़ पर चढ़ गया।

इसके बाद से वापस नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि बंदर दो दिन से सीएसईबी चौकी आ रहा था। मंगलवार की रात भी उसने चौकी में स्टॉफ के साथ गुजारी थी। बंदर की हरकत को देखकर पुलिस को लग रहा था कि उसकी तबियत खराब है। लिहाजा पुलिस बंदर का इलाज कराना चाहती थी।

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कोरबा. गाय की पेट में प्लास्टिक एक दो नहीं बल्कि 70 किलो। सुनने में यह अजीब जरूर लगता है, लेकिन घटना सही है।
सीएसईबी के कोरबा पूर्व कॉलोनी में जेपी राठौर रहते हैं। उन्होंने एक गाय पाला है। कुछ दिन से गाय की तबियत खराब थी। गाय कुछ खा पी नहीं रही थी। राठौर ने एक पशु चिकित्सक से सम्पर्क किया।

चिकित्सक ने गाय को पानी की बॉटल चढ़ाई। लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। तब उन्होंने पशु चिकित्सक राम चन्द्र साहू से सम्पर्क किया। साहू ने गाय को देखकर बताया कि उसके पेट में प्लास्टिक है। ऑपरेशन के जरिए बाहर निकाला जा सकता है। राठौर ने हामी भर दी। चिकित्सक ने गाय का ऑपरेशन किया।