
त्रिवेणी संयोग बनने से दीपावली का त्योहार होगा खास, इस शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी की पूजा से घर आएंगी खुशियां
कोरबा. वेद मंत्रोच्चार, दीयों की जगमग और पटाखों की गूंज के बीच मां लक्ष्मी की भक्ति से बुधवार को ऊर्जाधानी दमक उठेगी। धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने पूरी रात अनुष्ठान होंगे। पकवानों का भोग लगाया जाएगा। घरों से लेकर मंदिर तक विशेष तैयारियां की गई है। दीपोत्सव के आगाज होते ही मां महालक्ष्मी की पूजा अर्चना के लिए हर शख्श बेताब है।
घर से बाजार तक रोशनी के त्योहार की जगमग है। लक्ष्मी पूजन के लिए सफाई और रोशनी से ऐसी सजावट की है, कि पूरा शहर जगमगा उठा है। घर गेंदा व गुलाब की खुशबु से महक रहे हैं तो वहीं बाजार और प्रतिष्ठान रोशनी से नहा रहे हैं। धर्मशास्त्र के अनुसार पंचांग की गणना में सालभर में २४ अमावस्या का समायोजन रहता है। इनमें से पांच प्रमुख मानी जाती है। पांच में से एक कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या विशेष है। इसका खास महत्व यह है कि अमावस्या महालक्ष्मी के पर्व दीपावली से जुड़ी हुई है। इस दिन माता लक्ष्मी का पृथ्वी लोक पर आगमन को विशेष माना जाता है, जो कि वैदिक २३ मंत्रों में दशविद लक्ष्मी की प्राप्ति का, तपस्या का, पूजन का, तथा माता लक्ष्मी की विशेष कृपा के अन्तर्गत युग प्रभाव के आधार पर वर्तमान में लक्ष्मी कैसे प्राप्त की जाए? पंच महाभूति में अग्नि, वायु, पृथ्वी सभी धन है।
गेंदे व कमल फूल की सबसे अधिक डिमांड
लक्ष्मी पूजन पर गेंदे की माला का विशेष महत्व रहता है। सुबह से ही चौक-चौराहो में बिक्री शुरु हो जाएगी। गेेंदे की माला, कमल फूल, केले के पौधे सहित दूसरे फूलों की बिक्री विशेष रुप से होगी। खासकर टीपीनगर चौक, सुभाष चौक, घंटाघर चौक, कोसाबाड़ी चौक, सहित अन्य क्षेत्रों में अधिक बिक्री होगी। दीपोत्सव को देखते हुए कीमत में भी खासा इजाफा हो चुका है। एक माला की कीमत ३० से ५० रखी गई है।
इस दीपावली में त्रिवेणी संगम, दुर्लभ संयोग से होगा लाभप्रद
इस बार दीपावली पर समृद्धि और सामथ्र्य प्रदान करने वाला है। स्वाति नक्षत्र का मंगलकारी त्रिवेणी संयोग बनने जा रहा है। इस संयोग में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना से धन वर्षा होगी। इसका सकारात्मक असर लंबी अवधि तक रहेगा। इस दौरान कई विशिष्ट संयोग भी बनेंगे। त्रिवेणी संयोग बनने के कारण इस बार की दीपावली खास होगी। ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र धर दीवान ने बताया कि लक्ष्मी पूजा का समय बुधवार शाम 05:30 से रात्रि 08:16 बजे तक उत्तम रहेगा।
21 हजार दीए राम जानकी मंदिर व बालको राम मंदिर मेेंं जलाए गए
रूप चौदस के दिन विशेष तौर पर दीपदान का महत्व होता है। २१ हजार दीए बुधवारी स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में प्रज्ज्वलित किए गए। क्षत्रिय समाज के सभी सदस्य शामिल हुए। इसी तरह बालको के राम मंदिर में भी यह आयोजन किया गया था।
Published on:
06 Nov 2018 07:32 pm
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