
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासन ने कसी कमर, तैयारियां की गई पूरी
कोरबा. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासन और पुलिस ने पूरी तरह से कमर कस ली है। निर्वाचन आयोग के सभी निर्देशों पर प्रशासन द्वारा तैयारी कर ली है। इस बार आयोग के कई नए फरमान से राजनीतिक पार्टियों में हलचल तेज है। इस बार पार्टियों को दूसरे की सभा या फिर रैली के बाजू से गुजरने से बचना होगा। एक-दूसरे के पोस्टर फाडऩे पर भी आयोग का डंडा चलेगा।
शनिवार को कलेक्टोरेट में मीडिया सेे चर्चा कर रहे कलेक्टर कैसर अब्दुल हक ने बताया कि पार्टियां या फिर प्रत्याशी चुनाव में किसी भी धार्मिक जगहों का उपयोग प्रचार-प्रसार नहीं कर सकता। अगर किसी खाली जगह पर सभा का आयोजन किया जाता है तो उस जमीन के मालिक की सहमति प्रमाण पत्र देना जरूरी है।
रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर तो प्रतिबंध रहता है साथ ही इस बार बल्क में मैसेज पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोई भी पार्टी अपने प्रचार के लिए प्रतिद्वंदी के खिलाफ अपुष्ट आरोप नहीं लगा सकती। कलेक्टर ने बताया कि जिले की चारों विधानसभा में कुल 1074 मतदात केन्द्र बनाए जाएंगे। आयोग का निर्देश है कि वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए हर वर्ग व समाज में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
दिव्यांगों के लिए ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे मतदाता सूची में उनके नाम के आगे इसे स्पष्ट किया जा सकेगा। जिससे उन जगहों पर व्हीलचेयर की व्यवस्था की जा सकेगी।
लगभग सवा चार हजार लोगों के नाम के आगे इसे अंकित किया जा चुका है। जिले में कुल 111 सेक्टर के माध्यम से पूरी चुनावी प्रक्रिया पर मॉनिटरिंग की जाएगी। आईटी कॉलेज में ही चारों विधानसभा की शुरू से लेकर मतगणना तक की व्यवस्था होगी। कलेक्टर ने बताया कि ऐसे बूथ जहां निर्वाचन कार्य बाधित हो सकता है ऐसा एक भी बूथ जिले में नहीं है। 15 दिन के भीतर रैम्प व बिजली व्यवस्था केन्द्रों में पूरी कर ली जाएगी। कलेक्टर के साथ आयुक्त रणबीर शर्मा, एसपी मयंक श्रीवास्तव, एडीएम एनसी नैरोजी, प्रियंका महोबिया समेत अन्य अधिकारी उपस्थित होंगे।
सी विजेल एप से तत्काल की जा सकती है शिकायत
कलेक्टर ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा सी विजेल नाम से एक एप्प लाया गया है। चुनाव के दौरान अगर किसी भी नागरिक को यह लगता है कि प्रत्याशी या फिर राजनीतिक पार्टियां आचार संहिता का पालन नहीं कर रहे हैं। अथवा पैसे बांटने जैसे कुछ भी स्थिति हो रही है। एप्प जीपीएस बेस है। लोकेशन के हिसाब से वह ट्रेक कर सकता है। फोटो या फिर वीडियो बनाकर भेज सकते हैं। भेजने वाले का नाम गोपनिय रहेगा।
वीवीपैट मशीन का डेमो भी, अगर कोई भ्रम फैलाने की कोशिश, जाएगा जेल
कलेक्टर की उपस्थिति में प्रोफेसर एम जोशी ने वीवीपैट मशीन का डेमो भी दिया गया। अगर कोई वोटर शिकायत करता है कि वीवीपैट मशीन से जो पर्ची आई है उसके वोट से वह अलग है। ऐसे मामले में पीठासीन अधिकारी तत्काल कुछ लोगों की उपस्थिति में फिर एक वोट कराएगा। अगर उसकी शिकायत फर्जी होती है तो वोटर को तत्काल जेल भेजा जाएगा। वहीं बाद में प्रत्याशी का एक वोट कम किया जाएगा।
स्टार प्रचारक ने अगर प्रत्याशी का किया प्रचार तो जुड़ेगा खर्च
कलेक्टर ने बताया कि स्टार प्रचारक आते हैं और किसी भी प्रत्याशी का प्रचार किया जाता है। तो कार्यक्रम का पूरा खर्च प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगा। चुनाव से पहले प्रत्याशी को एक अलग खाता खुलवाना होगा। 28 लाख रूपए खर्च की सीमा अधिकतम रखी गई है।
Published on:
15 Sept 2018 09:22 pm
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