
अब तक 90 हजार मकानों का आर्थिक सर्वेक्षण, धार्मिक स्थलों से भी लिया गया कमाई का विवरण
कोरबा. जिले मेेंं सातवीं आर्थिक गणना 16 अगस्त से शुरू की गई थी। कोरबा जिले के 390 ग्राम पंचायतों के 706 ग्रामों एवं पांच नगरीय निकाय में सातवीं आर्थिक गणना का सर्वेक्षण कार्य होना है।
सर्वेक्षण कार्य के लिये 176 सुपरवाइजर एवं 980 प्रगणकों को नियुक्त किया गया है। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा अब तक छह आर्थिक गणना की जा चुकी है। पहली आर्थिक गणना 1977 में की गई थी। दूसरी आर्थिक गणना 1980, तीसरी 1990, चौथी 1998, पांचवीं 2000 एवं छठवीं आर्थिक गणना 2013 में की गई थी। सांख्यिकीय एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा डिजिटल इंडिया को महत्व देते हुए सातवीं गणना का कार्य मोबाइल एप के माध्यम से शुरू किया गया।
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बीते तीन माह में अब तक 88 हजार 750 घरों तक सर्वे टीम पहुंच चुकी है। इन मकानों का आर्थिक सर्वे हो चुका है। इसके आलावा पांच हजार तीन ऐसे स्थान हैं जिसे तीसरे कैटेगिरी में रखा गया है। इसमें धार्मिक स्थान के साथ ऐसे स्थान हैं जो कि शहर व गांव में है। वहां भी जाकर आय के स्त्रोत की जानकारी ली गई है। प्रदेश भर में सर्वे में कोरबा जिला अभी 10वें नंबर पर है। हालांकि कई बड़े जिले अभी कोरबा से पीछे भी हैं। विभाग को दिसंबर तक इस सर्वे कार्य को पूरा कर लेना है। अब तक महज एक लाख घरों व संस्थानों तक ही सर्वे का काम पूरा हुआ है। जबकि कुल चार लाख घरों तक पहुंचना है। ऐसे मेें तय समय तक पूरा करना बड़ी चुनौती साबित होगी।
गणना के परिणामों की दी जाएगी फीडबैक
यह समिति 7वीं आर्थिक गणना की तैयारियों के संबंध में प्रभावी भूमिका सुनिश्चित किये जाने के संबंध में राज्य स्तरीय समन्वय समिति को फीड बैक प्रदान करेगी। यह समिति अपने जिले में 7वीं आर्थिक गणना के परिणामों का अनुमोदन करेगी। संख्यिकी आंकड़ों के संग्रहण अधिनियम 2008 के प्रावधानों के तहत प्रत्येक परिवार एवं प्रतिष्ठानों से आंकड़े एकत्र किये जायेंगे। एकत्रित किये गये आंकड़ों का गोपनीय रखा जावेगा।
लोग नहीं दे रहे जानकारी, कई जगह अभद्रता भी
सीएससी के अविनाश कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह ग्रामीण जानकारी नहीं दे रहे हैं। कुछ जगह तो सर्वे टीम के साथ अभद्रता भी की गई। ऐसे सरपंच भी हैं जो कि जिला पंचायत के आदेश की प्रति भी मांग रहे हैं। कुछ लोग अपनी निजी जानकारी देने से भी बच रहे हैं। इस वजह से सर्वे टीम को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फैक्ट फाइल
अब तक सर्वे हुआ
आवास 88750
कर्मशियल 5716
अतिरिक्त 5003
कुल ९९४६९
Published on:
19 Nov 2019 12:23 pm
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