
Korba News: घटना वनमंडल (Forest Department) कटघोरा अंतर्गत केंदई रेंज की है। गांव परला और कापानवापारा के बीच अलग-अलग झुंड में 48 हाथी हैं जो क्षेत्र के जंगल में विचरण कर रहे हैं। ग्राम परला के पास जंगल से निकलकर 9 हाथियों में से एक दंतैल गांव में रहने वाले चंद्रिका प्रसाद साहू के घर पहुंच गया। हाथी की चिंघाड़ सुनकर परिवार के सदस्य डर गए। दंतैल ने दीवार को ढहा दिया। आंगन में रखे महुआ के फल को खा गया।
इसके बाद दंतैल हाथी ने मकान को तोड़ना शुरू कर दिया। हाथी के आक्रामक रूख को देखकर घर में मौजूद चंद्रिका, उसकी पत्नी और परिवार के एक पुरुष सदस्य की सांसें थम गई। उन्होंने मदद के आसपास के लोगों से मोबाइल पर संपर्क किया और अपनी जान बचाने घर के अंदर बनाए गए पटाव (खपरैल के मकान में सामान रखेन बनाया गया जगह) पर चढ़ गए। इस बीच गांव के लोग मशाल लेकर मौके पर पहुंचे। वन विभाग की रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई। टीम ने काफी कोशिश के बाद हाथी को जंगल में खदेड़ा। पटाव से परिवार के तीनों सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घर में महुआ के अलावा रखा था धान
घर में चंद्रिका ने महुआ के फल को आंगन में सुखाने के लिए रखा था। घर के भीतर धान भी रखा हुआ था। वन विभाग ने बताया कि महुआ की खुशबू को सूंघ कर दंतैल हाथी चंद्रिका के मकान तक पहुंचा होगा। इसे खाने के बाद मकान को नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग ने नुकसान की भरपाई की बात कही है।
कटघोरा के डीएफओ कुमार निशांत ने कहा कि आधी रात एक हाथी गांव में रहने वाले एक परिवार के घर में घुसा था। हाथी को भगाकर परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
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Updated on:
05 Apr 2024 06:15 pm
Published on:
05 Apr 2024 05:57 pm

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