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कर्मचारियों ने हाथ में तख्ती लेकर मांगों के समर्थन में की नारेबाजी, जानें कब तक करेंगे धरना प्रदर्शन

अनुकंपा नौकरी, वर्क चार्ज और ठेका मजदूरों को सरकार की ओर घोषित न्यूनतम वेतनमान देने की मांग की।

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कोरबा

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Shiv Singh

May 31, 2018

कर्मचारियों ने हाथ में तख्ती लेकर मांगों के समर्थन में की नारेबाजी, जानें कब तक करेंगे धरना प्रदर्शन

कर्मचारियों ने हाथ में तख्ती लेकर मांगों के समर्थन में की नारेबाजी, जानें कब तक करेंगे धरना प्रदर्शन

कोरबा . बिजली कंपनी में शुक्रवार से शुरू होने वाले कामबंद आंदोलन को संघ ने स्थगित कर दिया है, लेकिन धरना प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है। इस बीच आंदोलन की धमक डीएसपीएम और मड़वा संयंत्र तक पहुंच गई है। इससे प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है।

मांगों के समर्थन में गुरुवार को कर्मचारी बड़ी संख्या में कोरबा पश्चिम संयंत्र के बाहर जुटे। कर्मचारियों ने हाथ में तख्ती लेकर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। अनुकंपा नौकरी, वर्क चार्ज और ठेका मजदूरों को सरकार की ओर घोषित न्यूनतम वेतन मान देने की मांग की। इसके पूरा होने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया।

श्रमिक नेता राधेश्याम जायसवाल ने बताया कि शुक्रवार से चालू होने वाले कामबंद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। होल्डिंग, वितरण और उत्पादन सहित बिजली बोर्ड की सभी अनुषांगिक कंपनियों के वरिष्ट अफसरों ने मांगों पर सकारात्मक रूख अपनाया है। एक साप्ताह में मांगे पूरा करने का भरोसा दिया है। इससे बिजली कर्मचारी संघ ने कामबंद आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है, लेकिन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

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उन्होंने बताया कि मांगों के समर्थन में गुरुवार से कोरबा पूर्व स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह और जांजगीर चांपा जिले के मड़वा स्थित संयंत्र के बाहर भी आंदोलन चालू किया गया है। गुरुवार को आंदोलन में बड़ी संख्या में नियमित और ठेका कर्मचारी शामिल हुए।

गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर नियमित और ठेका मजदूर सात दिन से कोरबा पश्चिम संयंत्र के बाहर धरना प्रर्शन कर रहे हैं। इसे स्थगित कराने के लिए पिछले दिनों मुख्यालय स्तर से एक छोटी कोशिश हुई थी।

प्रबंधन की ओर से तीन लोगों को अनुकंपा नौकरी का आदेश जारी कर भरोसा दिलाया गया था कि सभी पात्र लोगों की सूची कर दी जाएगी। लेकिन श्रमिक नेताओं ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही थी। इधर, आंदोलन का दायरा बढऩे से कंपनी के अफसर चिंतित हैं। उन्हेंं आशंका है कि आंदोलन का असर उत्पादन पर पड़ सकता है। इसलिए श्रमिक नेताओं के साथ मान मनौव्वल करने में लगे हैं। हालांकि श्रमिक नेता भी मांग पूरा करने के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाने में लगे हैं।