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धरना पर बैठे 18 भू- विस्थापितों के खिलाफ लैंको प्रबंधन ने दर्ज कराया बलवा का केस

लैंको प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि अश्वनी सांडे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने 11 जुलाई से संयंत्र की गेट पर प्रदर्शन किया।

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कोरबा

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Shiv Singh

Jul 22, 2018

धरना पर बैठे 18 भू- विस्थापितों के खिलाफ लैंको प्रबंधन ने दर्ज कराया बलवा का केस

धरना पर बैठे 18 भू- विस्थापितों के खिलाफ लैंको प्रबंधन ने दर्ज कराया बलवा का केस

कोरबा. नौकरी की मांग को लेकर धरना पर बैठे 18 भू- विस्थपितों के खिलाफ लैंको प्रबंधन ने रास्ता रोककर संयंत्र की गेट पर बलवा करने का केस दर्ज कराया है। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि धाराएं जमानती है। लेकिन प्रबंधन के कड़े रूख से भू- विस्थापितों में भारी आक्रोश है।

उरगा पुलिस ने बताया कि लैंको अमरकंटक प्लांट सरगबुंदिया के एचआर हेड संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट पर १८ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसमें ग्राम खोड्डल निवासी बृजेश खांडे, हर प्रसाद दिव्या, अनिता सोनवानी, रमला बाई, भदरा बाई, छवि लाल खांडे, रमेश सोनवानी, शांति बाई कुर्रे, ज्योति बाई, पूरा बाई, अर्जून रत्नाकार, मिलान कुर्रे, गुलशन पाटले, अश्वनी सांडेय, अम्रिता बाई, फूल बाई, जैयराम और रमेश सोनवानी शामिल है। सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा १४७ (बलवा), ३४१ (रास्ता रोकना), ३४२ (आने जाने से रोकना), ५०६ बी (धमकी) का केस दर्ज किया गया है।

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दर्ज एफआईआर में लैंको प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि अश्वनी सांडे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने ११ जुलाई से संयंत्र की गेट पर प्रदर्शन किया। १९ जुलाई को सांडे समर्थकों के साथ एक फिर धरना प्रदर्शन किया। संयंत्र से अंदर और बाहर जाने वालों को रोक दिया।

कर्मचारियों को बंधक बनाकर रखा। गेट पर जबरदस्ता धरना प्रदर्शन किया। इससे कर्मचारियों के साथ संयंत्र के भीतर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। जबरदस्ती गेट पर रोके जाने से कर्मचारी काम पर नहीं पहुंच सके। प्लांट में कर्मचारियों की उपस्थित कम हो गई थी, का हवाला दिया है।

कलेक्टर का संदेश लेकर पहुंचे तहसीलदार, आंदोलन स्थगित
इधर एफआईआर के बाद भी भू- विस्थापित धरना प्रदर्शन के लिए लैंको गेट पर डटे रहे। इसबीच कलेक्टर को संदेश लेकर कोरबा तहसीलदार टीआर भारद्वाज प्रदर्शनकारियों के मिलने पहुंचे। साथ में कोरबा सीएसपी सुरेन्द्र साय पैकरा भी थे। तहसीलदार ने ग्रामीणों को बताया कि उनकी मांगों पर प्रशासन गंभीर है।

एक साप्ताह के भीतर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक बैठक होगी। इसमें भू- विस्थापित के साथ लैंको प्रबंधन के अफसर भी उपस्थित रहेंंगे। बैठक में ग्रामीणों की मांगों पर चर्चा होगी। तहसीलदार की समझाइस के बाद प्रदशर्नकारी मान गए। लैंको गेट पर चल रहे धरना प्रदर्शन को स्थगित करने का निर्णय लिया। लैंको से प्रभावित भू- विस्थापित १९ जुलाई से गेट नंबर एक पर बेमियादी धरना प्रदर्शन कर रहे थे।

विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहीत
लैंको प्रबंधन ने संयंत्र विस्तार के लिए खोड्डल और इसके आसपास स्थित आधा दर्जन से अधिक गांवों की जमीन अधिग्रहित की है। प्रबंधन किसानों की जमीन पर कब्जा कर लिया है। लेकिन अभी तक नौकरी का वादा पूरा नहीं किया है। इससे ग्रामीण आक्रोशित हैं।