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पहले गरीबों को दी छत अब एनएच बनाने के लिए तोडऩे की तैयारी

एनएच के लिए कई पीएम आवास आ रहे दायरे में

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कोरबा

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Shiv Singh

Jun 23, 2018

पहले गरीबों को दी छत अब एनएच बनाने के लिए तोडऩे की तैयारी

पहले गरीबों को दी छत अब एनएच बनाने के लिए तोडऩे की तैयारी

कोरबा. पीएम आवास योजना ने कोथारी के सुखलाल के अपने मकान का सपना साकार कर दिया। बूढ़ी आंखों में अब सिर पर अपनी छत होने की खुशी है। सपनों का यह मकान अब भी निर्माणाधीन ही है। लेकिन जब से सुखलाल को यह पता चला है कि जिस जमीन पर पीएम आवास बन रहा है। वहीं से सरकार राष्ट्रीय राज मार्ग 149- बनाने वाली है। तब से उसकी नींद उड़ गई है।
प्रस्तावित कोरबा-चांपा एनएच के लिए कुछ दिन पहले अफसरों ने सर्वे और जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी की है। उपतहसील बरपाली के ग्राम कोथारी व इसके आस-पास सुखलाल की ही तरह ऐसे और भी कई ग्रामीणों को अफसरों द्वारा बता दिया गया है कि जो मकान एनएच के रास्ते में आएंगे उन्हें तोड़ दिया जाएगा। अब सुखलाल यह सब जानते हुए कैसे अपने मकान का निर्माण पूरा करे? सुखलाल ने बताया कुल तीन किश्त में से दो किश्त में 80 हजार रूपए की राशि जारी हो चुकी है। यह राशि मकान के निर्माण में खर्च भी हो गई। अब तीसरी किश्त जारी होनी है। अफसर कहते हैं कि यदि निर्माण पूर्ण नहीं करोगे तो तीसरी किश्त के पैसे नहीं मिलेंगे। अब निर्माण पूरा करने को भी कहा जा रहा है। इसलिए सोच रहा हूं कि मकान का निर्माण पूरा कर ही दूं, जब एचएच के लिए घर टूट जाएगा तब कुछ तो मुआवजा मिलेगा। इसी से जीवनयापन करेंगे।
ग्रामीणों में असंतोष
जमीन के सर्वे के दौरान अफसरों द्वारा जनसुनवाई की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। बुधवार बाई ने बाताया कि जनसुनवाई मेंं 22 हजार रूपए प्रति डिसमिल दिए जाने की बात कही है। हमें यह मंजूर नहीं है। हमारा पूरा का पूरा पुश्तैनी मकान एनएच की चपेट में आ रहा है। मनमाफिक मुआवजा नहीं मिला तो हम किसी हालत में अपनी जमीन नहीं देंगे। तेजिया बाई लहरे का कहना है कि अफसरों कई रसूखदारों के जमीन को छोड़ दिया है। चहेतों को उपकृत किए जाने की योजना है। इसलिए एनएच का विरोध करेंगे।

उप तहसील के 13 गांव चपेट में
कोरबा-चांपा एनएम के लिए बरपाली उप तहसील की कुल 13 गांव की जमीन का अधिग्रहण होना है। कोथारी के पटवारी टिकेश्वर राठौर ने बाताया कि 24 मीटर चौड़ीं सड़क के लिए दोनो तरफ की जमीन का चिन्हांकन किया गया है। फरसवानी से कोथारी के आस-पास कि सात लाख 20 हजार वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जिससे 200 खसरे प्रभावित होंगे। जमीन चिन्हांकित कर खूंटा गाड़ दिया गया है। सभी को कोथारी में जमीन के 56 लाख रूपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा वितरण किया जाना प्रस्तावित है।

-एनएच निर्माण की प्रक्रिया जारी है। जमीन का चिन्हांकन व सर्वे का काम जारी है। ग्रामीणों की जनसुनवाई भी की गई है। सभी की आपत्तियों व शिकायतों के निराकरण का प्रयास किया जाएगा।

पवन कोसमा, नायब तहसीलदार, बरपाली