
हाथी के शव का किया गया अंतिम संस्कार, ग्रामीण ने फेंसिंग में दौड़ाया था करंट, दर्ज होगा केस
कोरबा. बेला गांव में बुधवार की सुबह आठ वर्षीय नर हाथी की करंट से मौत की वजह बने ग्रामीण की शिनाख्त कर ली गयी। घर में दबिश देकर करंट लगाने वाले तार की जब्ती भी कर ली गयी है। इस ग्रामीण ने फेंसिंग के तार में करंट दौड़ा दिया था और विचरण में करते समय हाथी तार में उलझ गया और मौत हो गयी। वन विभाग और बिजली वितरण विभाग की टीम ने जांच करने के बाद इसकी पुष्टि की।
डीएफओ एस वैंकटाचलम ने बताया कि मंगलवार की देर रात जब दोनों हाथी बेला के उस उरांव बस्ती में पहुंचने वाले थे। तब ग्रामीणों को सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया था। महादेव राठिया जिसके परिवार में चार सदस्य है। उसे भी सुरक्षित जगह पर जाने को कहा गया। महादेव राठिया ने हाथी की सूचना मिलने से पहले ही अपने घर के चारों ओर कटीलें फेंसिंग तार में बिजली का तार बिछा दिया था। जिसे घर के अंदर एक स्वीच बोर्ड से जोड़ दिया था। जैसे ही वन विभाग ने मुनादी कराई।
महादेव राठिया स्वीच ऑन कर वहां से चलते बना। रात तीन बजे जब हाथी मौके पर पहुंचे। तो उसी फेंसिग तार में फंस गये। पूरी फेंसिग तार में करंट दौड़ रहा था। करंट की चपेट में आने के बाद हाथी तार से निकलने के लिए छटपटता रहा लेकिन निकल नहीं पाया और घटनास्थल पर मौत हो गई।
सुबह वितरण विभाग के कर्मियों ने बोर के समीप लगे तार का कनेक्शन काट दिया था। जाते-जाते मादा हाथी उस जगह को जाकर कई बार तोडऩे की कोशिश की। लेकिन कनेक्शन नहीं होने की वजह से उसे करंट नहीं लगा। वरना बड़ी घटना घट सकती थी। जिस समय दोनों हाथी उरांव बस्ती में घुसे थे उस वक्त मादा हाथी जिस तरफ से आ रही थी। उस ओर से डीएफओ एस वेंकटाचलम जा रहे थे। ग्रामीणों को सुरक्षित जगह पर ले जाने के लिए अमले को निर्देश दे रहे थे। इसी बीच उनके और हाथी के बीच महज ५० फीट की दूरी होगी। इसी बीच उसके चिंघाड़ की आवाज सुनकर वह उस जगह से पीछे की ओर दौड़े।
हाथी के जाते ही सबसे पहले घर पहुंच तार काट कर छिपा दिया
हाथी के शव के पास से मादा हाथी के वापस जाते ही सबसे पहले महादेव राठिया घर पहुंचा और बाहर से उसके घर के भीतर आए तार को काट कर छिपाकर रख दिया। सुबह जब डीएफओ, एसडीओ सहित विद्युत अमला जांच के लिए पहुंचा। पहले तो उसने इंकार किया फिर उसने कबूल किया कि हाथी से बचने के लिए उसने यह करंट का तार जोड़ा था। इसके बाद उसके घर से उस तार व स्वीच बोर्ड तो जब्त किया गया। फेंसिंग तार की भी जब्ती बनाई गई।
ग्रामीण के खिलाफ दर्ज होगा केस
हाथी की मौत को लेकर महादेव राठिया के खिलाफ विभाग वन अधिनियम १९७२ की धारा ९ के तहत केस दर्ज करेगा। गुरुवार को हाथी का पीएम और अंतिम संस्कार होने के कारण विभाग ने सिर्फ जांच व सामान जब्त की।
शव के पास बैठी थी हथनी
शोकाकुल हथिनी ३० घंटे बाद अपने बेटे के शव के पास से उठी। जाने से पहले काफी देर तक खड़े होकर शव को निहारती रही। भीड़ को देखकर हथिनी जा नहीं रही थी। उसे डर था कि उसके बेटे को कोई वहां से ले जाएगा। इसलिए वन विभाग ने कुछ देर के लिए पूरी जगह को खाली करा दिया। उसके बाद हथिनी वहां से जंगल की ओर लौट गई। गौरतलब है कि बुधवार की सुबह दोनों हाथी बेला की तरफ आ रहे थे। विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आने से ८ वर्षीय नर हाथी की मौत हो गई थी। मौत के बाद से हथनी शव के पास ही बैठी थी।
Published on:
24 Aug 2018 10:42 am
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