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Korba: नकली सोने से गोल्ड लोन लेने वाला गिरोह धराया

Korba Crime News: नकली सोने को असली बताकर बैंक से गोल्ड लोन लेने वाले मिर्जापुर के गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है।

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Gang taking gold loan from fake gold arrested Korba News

Korba: नकली सोने से गोल्ड लोन लेने वाला गिरोह धराया

कोरबा। CG Crime News: नकली सोने को असली बताकर बैंक से गोल्ड लोन लेने वाले मिर्जापुर के गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है। गिरोह के तीन सदस्यों से तीन नग सोने का हार और 12 चूड़ी जप्त की गई है। गिरोह नकली सोने को असली बताकर बैंक से लोन लेने की तैयारी में था।

गुरुवार को सीएसईबी पुलिस चौक पर नियमित तौर पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। पुलिस की नजर एक बाइक पर तीन सवार संदिग्ध युवकों पर पड़ी। तीनों युवकों को रुकवाकर जब तलाशी ली गई तो युवकों के पास से तीन सोने की चेन और 12 चूड़ी मिली। पूछने पर युवकों ने बताया कि सोना उनका है और गोल्ड लोन लेने जा रहे हैं। पुलिस जब सोना का परीक्षण कराया तो वह नकली निकला। तब पुलिस ने तीनों युवकाें से कड़ाई से पूछताछ की गई तो आरोपियों ने पूरे कारनामे से पर्दा हटाया। आरोपियों ने बताया कि वे सोना पॉलिश करके विभिन्न बैंकों में गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले लेते थे। पैसे मिलने के बाद उस बैंक में फिर नहीं जाते थे। इस तरह से बैंकों से चूना लगा रहे थे।

आरोपियाें ने पुलिस को बताया कि हाल ही में सुभाष चौक स्थित एचडीएफसी बैंक में भी 4 सोने की नकली चूड़ी को गिरवी रखकर 1लाख 53 हजार रूपए का गोल्ड लोन लिए थे। पुलिस ने बैंक प्रबंधन को इसकी जानकारी दे दी है। बताया जा रहा है कि गिरोह जानबूझकर अधिक ब्याज दर पर लोन लेता था जिसे दो साल में जमा करने की गारंटी देते थे। इसके लिए गिरोह द्वारा पता भी फर्जी दिया जाता था ताकि जब सोने की हकीकत सामने आए तो पुलिस उन तक न पहुंचे।

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आरोपियों में एक करतला का और दो मिर्जापुर के

पकड़े गए तीन आरोपियों में एक करतला और दो मिर्जापुर के हैं। आरोपियों में मिर्जापुर यूपी निवासी अभिनव श्रीवास्तव व मोहम्मद आमिर खान तथा ग्राम नोनबिर्रा करतला निवासी शेख मुनव्वर शामिल है। बताया जा रहा है कि शेख मुनव्वर स्थानीय होने की वजह से उसकी बैंकों में परिचय है। इसलिए बैंक प्रबंधन को भी शक नहीं होता है।

बैंक प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

इस मामले में बैंक प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। दरअसल किसी भी सोने की गिरवी रखने से पहले बैंक खुद इसकी जांच करवाता है। सोना किस कैरेट का है, वजन कितना है। इसकी तस्दीक कराने के बाद ही बैंक लोन देते हैं। ऐसे में बैंक प्रबंधक पर सवाल उठना लाजिमी है कि बगैर जांच किए लोन कैसे दे दिया गया।

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