
अध्ययनरत बच्चों के अभिभवक लामबंद
कोरबा . डीपीएस स्कूल बालको के खिलाफ यहां अध्ययनरत बच्चों के अभिभवक लामबंद हो चुके हैं। शुक्रवार की सुबह अभिभावक बड़ी तादाद में बैनर, पोस्टर लेकर स्कूल पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। तख्तियों पर लिखा था कि शासन को दिए वचन को पूरा करो। शुल्क शासन के नियमानुसार होना चाहिए।
अभिभावकों का बालको डीपीएस प्रबंधन पर आरोप है कि यहां बच्चों के शिक्षण शुल्क में बेतहाशा वृद्धि की गई है। जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों का पालन भी स्कूल प्रबंधन द्वारा नहीं किया जा रहा है।
हाल ही में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर फीस वृद्धि को लेकर डीपीएस स्कूल के खिलाफ शिकायत की गई थी। जिसमें उल्लेख किया गया था कि फीस में अचानक बढ़ोतरी से परिजनों की दिक्कते बढ़ गयी है।
डीपीएस स्कूल एकाएक फीस वृद्धि कर दिया है। जिससे अभिभावको में काफी आक्रोश है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत जिला प्रशासन के अनुमति के बिना ही स्कूल के फीस बढ़ा दिया है।
वहीं प्रवेश फार्म 1200 रुपए लिया जा रहा है। संगठन ने प्रबंधन लापरवाही का आरोप लगाया है। इस संबंध में एनएसयूआई संगठन ने पूर्व में विरोध प्रदर्शन किया था, इसके बाद भी फीस वृद्धि वापस नहीं लिया गया। जिसे लेकर संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अभिभावको की समस्या से अवगत कराया। डीपीएस स्कूल प्रबंधन ेके खिलाफ तीन दिवस के भीतर जांच का आदेश के साथ स्कूल की मान्यता रद्द करने मांग की है। समस्या के निराकरण नहीं होने पर एनएसयूआई ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।
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सोमवार को भी पालकों के लिए नहीं खुला पोर्टल, प्रवेश के लिए भटकते रहे पालक
कोरबा. आरटीई एक्ट से गरीब बच्चों के निजी स्कूलो में प्रवेश के लिए शिक्षा विभाग का पोर्टल पालकों के लिए अब भी बंद है हालांकि विभाग की मानें तो 250 से ज्यादा निजी स्कूलों ने पोर्टल में अब तक रजिस्ट्रेशन करवा लिया है।
आरटीई एक्ट से निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने का सपना देखने वाले अभिभावकों को मायूस होना पड़ा। कुछ पालक भटकते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो कुछ नोडल अधिकारियों के चक्कर काटते रहे। पोर्टल में फिलहाल डीईओ और निजी स्कूलों की लॉगइन वाली लिंक उपलब्ध है।
लेकिन जिस लिंक से पालकों को प्रवेश के लिए आवेदन भरना है। उसका कोई भी विकल्प पोर्टल में मौजूद नहीं है। जबकि पोर्टल में जिन निजी स्कूलों ने पंजीयन करा लिया है। उन्हें इसकी एक हार्ड कॉपी डीईओ ऑफिस में भी जमा करनी होगी। जिसे डीईओ सत्यापित कर अग्रेषित करेंगे।
Published on:
04 May 2018 04:10 pm
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