
मुफ्त मोबाइल बंटने से पहले ही जियो ने टॉवर लगाने तैयारी की पूरी, जानें गांव और शहर में लगेंगे कितने टॉवर
कोरबा. मुफ्त मोबाइल बंटने से पहले शहर से लेकर गांव तक जियो के टॉवर लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिसमें कोरबा शहर पर ज्यादा फोकस किया गया है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कम। कुल 53 टॉवरों में 23 गांव में तो वहीं शहरों में 30 जगहों पर जियो के टॉवर लगेंगे। सबसे कम करतला व कटघोरा में महज 1-1 टॉवर लगाया जाएगा। पोड़ीउपरोड़ा में 10 व पाली में छह टॉवर लगाए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ संचार क्रांति योजना के तहत जियो मोबाइल के टॉवर लगाने के लिए शासन द्वारा नि:शुल्क जमीन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके लिए कोरबा जिले मेें ऐसी जगहों को तलाशा गया, जहां जियो के सिग्नल वर्तमान में नहीं हैं। कोरबा के ऐसे 53 जगहों को तय किया गया है। हालांकि इनमें ज्यादातर शहरी इलाके में शामिल है। गांव की तुलना में शहरी क्षेत्र में अधिक टॉवर लगाया जाएगा।
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प्रशासन द्वारा सभी जगह जमीन की तलाश पूरी कर ली है। बकायदा जमीन के हैंडओवर के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कुछ जगह राजस्व की तो कुछ जगह निगम क्षेत्र की जमीन है। लिहाजा इसे अपने आधिपत्य में करने के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन जिन जगहों पर टॉवर लगाया जाना तय किया गया है उसमें अधिकांश जगहों पर पहले से जियो के टॉवर है।
खासकर शहरी क्षेत्र में लगभग पूरे इलाके में जियो के टॉवर है। उसकेे बाद भी शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक 30 टॉवर लगाना तय किया गया है, लेकिन करतला ब्लॉक जो कि पूरी तरह से ग्रामीण इलाका है। जहां वर्तमान में गितनी के दो टॉवर है वहां सिर्फ एक टॉवर लगाने के लिए जगह चिंहित किया गया है। इसी तरह कटघोरा ब्लॉक में कटघोरा व दीपका को छोड़कर शेष इलाका ग्रामीण है उसके बाद भी दीपका में ही एक टॉवर लगाना तय किया गया है। जबकि दीपका में पहले से टॉवर है।
जमीन के साथ सरकारी भवन की छत भी फ्री में
शासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक अगर किसी जगह पर सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है। तो इसकी जगह पर उस क्षेत्र के किसी भी सरकारी भवन की छत को भी नि:शुल्क दिया जाएगा। कोरबा में दो प्रकार के टॉवर लगने हैं जिसमें जीबीटी(ग्राउंड बेस्ड टॉवर) और जीबीएम (ग्राउंड बेस्ड मस्ट)के टॉवर लगेंगे।
श्यांग-नकिया को भूल गए
जियो के टॉवर लगाने के लिए शहरों की महंगी जमीन व उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए जानबुझकर टॉवरों की संख्या शहर में अधिक रखी गई है। जबकि दूरुस्त क्षेत्र श्यांग व नकिया, विमलता, गिरारी, पुटा समेत दो दर्जन से अधिक ऐसे गांव को नजरअंदाज कर दिया गया है, जहां किसी भी मोबाइल का एक भी टॉवर नहीं है।
इन गांव मेें लगाए जाएंगे टॉवर
जामकछार, रलिया, अटारी, पेन्ड्रीडीह, सपलवा, धाजक, बगदरा, पत्थरडांड, करीमती, साखो, बारीउमरांव, तेलसरा, कुरूडीह, मुरली, सतरेंगा, रोड़ी, रतिजा, गढ़उपरोड़ा, लेमरू, गुईचुआं, दोंदरो।
-स्काई योजना के तहत टॉवर लगाने के लिए जगह चिंहित कर ली गई है। प्रक्रिया चल रही है। जुलाई तक टॉवर लगा लिया जाएगा- शिखा ठाकुर, चिप्स अधिकारी
Published on:
25 Jun 2018 11:08 am
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