
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दर्ज किया मृतक की मां का बयान, पुलिस हिरासत में हो गयी थी मौत
कोरबा. पुलिस अभिरक्षा में मारे गए हंसाराम राठिया के मौत के कारण की जांच शुरू हो गई है। शनिवार को कोरबा के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुपनारायण पठारे ने हंसाराम की बुजुर्ग मां मान कुंवर का बयान दर्ज किया। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव का पंचनामा किया गया। तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया।
इसके बाद हंसाराम का शव परिवार को सुपुर्द किया गया। पीएम रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली है। डॉक्टरों की टीम ने मौत के कारण का खुलासा नहीं किया गया है। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस उपस्थित थी। मौके पर एएसपी कीर्तन राठौर, सीएसपी योगेश साहू, इंस्पेक्टर विवेक शर्मा, राकेश मिश्रा सहित अन्य थानेदार भी मौजूद थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की सुरक्षा में शव को हंसाराम के गांव श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम एलोंग भेजा गया। वहां दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया।
पुलिस ने बताया है कि स्थाई वारंट के आधार पर हंसाराम को गुरुवार की रात ग्राम एलोंग से पकड़ा था। उसे रात 11 बजे करतला थाना में रखा गया था। तबीयत खराब होने की शिकायत पर शुक्रवार की सुबह लगभग 11.30 बजे हंसाराम को करतला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया था। उसके शरीर में खून की कमी थी। ब्लड प्रेशर लो था। पीलिया की बीमारी थी। इलाज के बाद डॉक्टर ने हंसाराम को पुलिस को सौंप दिया था। उसे दोबारा करतला थाना में रखा गया था।
इस बीच दोपहर लगभग 3.30 बजे हंसराम की हालत नाजूक हो गई थी। उसे फिर से करतला के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। इसके लगभग 10 मिनट बाद हंसाराम की मौत हो गई थी। शव को जिला अस्पताल की मरच्यूरी में रखा गया था। हंसाराम पर मारपीट, गाली गलौच और धमकी देने के आरोप में वर्ष 2015 में करतला थाना में केस दर्ज किया गया था। बेल पर रिहा होने के बाद हंसाराम सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहा था। उसके खिलाफ कोर्ट ने स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
जवान बेटे को देखकर मां की आंखों से छलका आंसू
पोस्टमार्टम की कार्रवाई से पहले पुलिस हंसाराम की मां को बोलेरो से लेकर जिला अस्पताल पहुंची। मरच्यूरी में जवान बेटे की लाश को देखकर मां की आंखों से आंसू बहने लगी। थोड़ी देर के लिए मान कुंवर मरच्यूरी कक्ष के दरवाजे पर बैठ गई। उसने मीडिया को बताया कि बेटे के मौत की जानकारी उसे नहीं थी। जिला अस्पताल पहुंचने पर बेटे के मौत की सूचना मिली। मान कुंवर ने बताया कि उसके बेटे की तबीयत पहले से खराब थी। हंसाराम पत्नी से अलग अपने घर में अकेले रहता था।
डॉक्टर ने नहीं किया गंभीरता से इलाज
बताया जाता है कि हंसाराम को पुलिस शुक्रवार की सुबह 11.30 बजे लेकर करतला के सरकारी अस्पताल पहुंची थी। डॉॅ. आरबी सिंह ने हंसाराम का इलाज किया। पीलिया, खून की कमी और ब्लड प्रेशर लो होने पर हंसाराम को अस्पताल में भर्ती नही किया। काम चलाउ इलाज करके उसे पुलिस को सौंप दिया। हंसाराम की मेडिकल जांच गंभीरता से की गई होती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
Published on:
01 Aug 2021 06:01 pm
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