
मामला सीएसईबी वेस्ट के अस्पताल का
कोरबा. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (सीएसईबी) के एचटीपीएस के अस्पताल में लाखों की दवाएं स्टोर रूम में पड़े-पड़े एक्सपायर हो गईं। हैरानी वाली बात है कि यह सब अचानक नहीं हुआ है बल्कि अस्पताल प्रबंधन को इसकी स्पष्ट तौर पर जानकारी थी। हर माह स्तावेजों में इन दवाओं के रिकॉर्ड मेंटेन किए गए है।
उधर मरीज दवा के लिए भटकते रहते हैं। पूरा मामला सीएसईबी के एचटीपीएस वेस्ट स्थित 60 बेड अस्पताल का है। सूत्रों की मानें तो लगभग 50 लाख रूपए की दवाएं स्टोर रूम में रखे-रखे ही एक्पायर हो गई हैं जबकि अस्पताल प्रबंधन स्वयं डेढ़ प्रतिशत तक लाखों की दवा एक्सपायर होने की बात स्वीकार कर रहा है।
इन दवाओं को अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के एक्स-रे रूम में बनाए गए स्टोर में रखा गया है। मामले में लीपापोती का भी पूरा प्रयास किया जा रहा है ताकि दवा के एक्सपायर होने का मामला सार्वजनिक न होने पाए। इससे बचने के लिए निगम क्षेत्र में बायेमेडिकल डिस्पोज करने वाली कंपनी इनवायरोकेयर को नियमित अंतरालों पर अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल कचरे के साथ ही साथ पांच से 10 किलो एक्पायरी दवाओं की खेप डिस्पोजल के लिए दी जाती है ताकि धीरे-धीरे एक्पासयी डेट वाली ये दवाए एक-एक कर डिस्पोज भी हो जाए और किसी को इस बात की भनक तक न लगे।
50 से 60 लाख की दवाएं एक्सपायर, हमने एमडी से की शिकायत
इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय सचिव एसए सईद ने बताया कि इस अस्पताल में 50 से 60 लाख रूपए की दवाएं स्टोर रूम में पड़े-पड़े एक्सपायर हो गई हैं।
हाल ही में जब कंपनी के एमडी कोरबा पहुंचे थे। तब हमने इसकी शिकायत के लिए उनसे मिलना चाहा लेकिन सीई ने हमें मिलने नहीं दिया। फिर रायपुर में एमडी से शिकायत की थी और उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया था। अस्पताल से यहां के कर्मचारी हमेशा परेशान रहते हैं। कभी भी पर्याप्त दवाएं उपलब्ध नहीं होती। दूसरी तरफ लापरवाही ऐसी है कि 50 से 60 लाख रूपए की दवा रखे-रखे ही एक्पायर हो जाती है। इस मामले में जो भी दोषी हों उन पर ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।
नियमित अंतरालों पर 5 से 10 किलो दवाएं देते हैं डिस्पोजल के लिए
निगम क्षेत्र में बायेमेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल का ठेका इवायरोकेयर नामक कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के कर्मचारी शेखर सीएसईबी वेस्ट से मेडिकल कचरा लेने जाते हैं। कंपनी के कर्मचारी शेखर ने बताया कि अस्पताल से नियमित अंतरालों पर पांच से 10 किलो एक्सपायरी डेट वाली दवाएं दी जाती हैं। इसे नियमानुसार डिस्पोज किया जाता है। एक्सपायरी दवाओं को डिस्पोज करने के लिए हमारी कंपनी 60 रूपए प्रति किलो की दर से पैसे लेती है। इसकी अलग से कैटेगरी होती है।
इस तरह की दवाएं हो गई एक्सपायर
-सामान्य सर्दी, बुखार
-कॉलेस्ट्राल कंट्रोल
-ब्लड प्रेशर
-मधुमेह(डायबटीज)
-एंटीबायोटिक
-कफ सिरप, अन्य
-साल भर की दवा एक ही बार खरीदारी का नियम है। जिसके कारण जरूरत से ज्यादा दवाओं की खरीदी हो जाती है। दवा एक्पायर जरूर हुई है। लेकिन वह कुल दवाओं का एक से डेढ़ प्रतिशत ही है। जिसकी कीमत एक से दो लाख रूपए है। हालांकि हमारा प्रयास रहता है कि सारी दवाओं को समय पर बांट दिया जाए। कर्मचारियों को दवाओं की कोई कमी नहीं है।
-डॉ एके वाजपेयी, सीएमओ, सीएसईबी अस्पताल वेस्ट, कोरबा
Published on:
22 Aug 2018 10:50 am
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