
म्यू-थाई के अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपना लोहा मनवाने थाईलैंड की उड़ान भरेगी मिशा सिंधु, पढि़ए खबर...
कोरबा . आज की पीढ़ी जहां बालक- बालिकाओं को समान दर्जा दिया जाता है, हर क्षेत्र में बालिकायें बालकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। सेवा क्षेत्र हो, शिक्षण क्षेत्र हो या फि र सुरक्षा का क्षेत्र हो, छात्राएं आत्म रक्षा के गुण सीखकर आज हर परिस्थिति का सामना करने को तैयार है।
इंडस पब्लिक स्कूल दीपका की छात्रा मिशा सिंधु ने यह साबित कर दिया कि आज की लड़कियां किसी भी क्षेत्र में भी अपनी कामयाबी का परचम लहरा सकती हैं चाहे वह मार्शल आर्ट (ताइकांडो) या म्यूथाई जैसी कठिन प्रतियोगिता ही क्यों न हो, जिस पर कि सदियों से केवल पुरुष वर्ग का ही वर्चस्व रहा है। लेकिन आज परिस्थिति बदल चुकी है। आज हर क्षेत्र में लड़कियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर यह साबित कर दिया है कि हिम्मत व जज्बे में वे भी लड़कों या पुरुषों से कम नहीं हैं, और इस बात की मिसाल पेश की है आईपीएस-दीपका की छात्रा मिशा सिंधु ने।
17 वीं राष्ट्रीय म्यू-थाई चैपियनशिप के बालिका वर्ग के सब जूनियर वर्ग में मिशा सिंधु ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों को चारो खाते चित करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। तीन जून का दिन आईपीएस दीपका के लिए सुनहरा दिन रहा जब विद्यालय के कक्षा सातवीं की छात्रा मिशा सिंधु ने गोवा में आयोजित राष्ट्रीय म्यू-थाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर विद्यालय, जिले एवं राज्य का मान बढ़ाया और अब मिशा म्यू-थाई के अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपना लोहा मनवाने सितम्बर में थाईलैंड की उड़ान भरेगी ।
एक वो जमाना था जब बेटियों को अभिशाप माना जाता था और एक आज का दिन है, जब बेटियां ही हमें गौरवान्वित करती हैं, पढ़ाई के क्षेत्र में हो, नौकरी के क्षेत्र में हो या खेल के क्षेत्र में हो आज हर जगह बेटियों में अपने माता पिता कर सिर गर्व से ऊपर किया है।
मंगलवार को पत्रिका डॉटकाम से चर्चा करते हुए दीपका स्थित इंडस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य संजय गुप्ता ने कहा कि उनके स्कूल की कक्षा सातवीं की बिटिया मिशा सिंधु ने आज यह साबित कर दिया कि बेटियां बोझ नहीं होती बेटियाँ कुल का गौरव होती है। उन्होंने कहा कि मिशा पढ़ाई में तो अच्छी है ही साथ ही खेल की दुनिया में भी उसने अपना परचम लहराया है। गुप्ता ने बताय कि मिशा के इस उपलब्धि पर पूरा स्कूल परिवार बेहद गौरवान्वित है और गोवा से वापस आते ही विद्यालय में मिषा का विशेष सम्मान किया जाएगा।
Published on:
5 Jun 2018, 7:01 PM IST
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