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गांव में 40 दिनों से बिजली की अघोषित कटौती, भय के साए में रात गुजारने को मजबूर हैं ग्रामीण

- क्षेत्र के लोगों से एवरेज बिल के नाम पर लगातार बिजली कंपनी द्वारा वसूली की जा रही है

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कोरबा

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Shiv Singh

Aug 17, 2018

गांव में 40 दिनों से बिजली की अघोषित कटौती, भय के साए में रात गुजारने को मजबूर हैं ग्रामीण

गांव में 40 दिनों से बिजली की अघोषित कटौती, भय के साए में रात गुजारने को मजबूर हैं ग्रामीण

करतला ञ्च पत्रिका. रामपुर विधान सभा क्षेत्र के कुदमुरा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली की आँख मिचौली एवं अघोषित कटौती पर अंकुश नहीं लग रहा है। ग्रामीण लंबे समय से परेशान है कि बिजली व्यवस्था सुधर जाय लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। कुदमुरा हाथी प्रभावित क्षेत्र भी है। यहां पिछले 40 दिनों से अघोषित बिजली की कटौती की जा रही है।

गंभीर बात यह है कि विद्युत कंपनी द्वारा ग्रामीणों को बिजली के बिल थमाए जा रहे हैं,जिससे ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों से एवरेज बिल के नाम पर लगातार बिजली कंपनी द्वारा वसूली की जा रही है, ग्रामीण क्षेत्रों में रखे हुए ट्रांसफार्मर और बिजली की लाइनें जर्जर हो गई हैं। जिसके कारण आए दिन हादसा होने की आशंका बनी रहती है। विभाग द्वारा मेंटेनेंस का कार्य नही किया जा रहा है। कुदमुरा सहित आसपास के दर्जनों गांवों में रायगढ़ जिले स्थित हाटी सबस्टेशन से बिजली की सप्लाई की जाती है।

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इन गांवों की डेढ़ महीने से बिजली गुल
कुदमुरा,तौलीपाली, बैगामार,धोबनीमार,चचिया, लुदुखेत ,धौराभाठा, जिल्गा, कटकोना, बरपाली, शनिडेरा, बसीन, सोलवां सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में कई दिन से बिजली गुल है। इस कारण ग्रामीणों को हर रोज परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी
स्कूल खुले ढाई माह से ऊपर हो गया है। बच्चों की पढ़ाई भी तेज होने लगी है। बिजली के अभाव में बच्चे अध्ययन नहीं कर पा रहे हैं। दिन भर स्कूल में व्यस्त रहने के बाद रात में घरों में अंधेरा पसरा रहता है। इससे छात्र व छात्राएं अध्ययन नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही अन्य छोटे-मोटे जीव जंतुओं का भय भी ग्रामीणों को बना रहता है।

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