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Public Opinion : अभिभावकों की जीत अब बंद नहीं होगी प्राथमिक शाला स्याहीमुड़ी, दबाव में प्रशासन ने लिया निर्णय

स्याहीमुड़ी में खुलने वाले एजुकेशन हब के लिए बंद करने की थी योजना
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 18 Jul 2018, 11:22 AM IST

स्याहीमुड़ी में खुलने वाले एजुकेशन हब के लिए बंद करने की थी योजना

स्याहीमुड़ी में खुलने वाले एजुकेशन हब के लिए बंद करने की थी योजना

कोरबा. स्याहीमुड़ी स्थित प्राथमिक शाला को बंद करने का निर्णय प्रशासन ने वापस ले लिया है। स्थानीय अभिभावकों ने अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपना विरोध दर्ज कराया था। चौतरफा दबाव बनने के बाद प्रशासन को स्कूल बंद करने का निर्णय वापस लेना पड़ा। अब निगाहें मिडिल स्कूल के संचालन पर टिकी हैं।

डीईओ कार्यालय ने प्राथमिक शाला स्याहीमुड़ी के प्रधान पाठक को पहली कक्षा में प्रवेश न लेने के निर्देश दिए थे। प्रधानपाठक द्वारा एजूकशन हब के लिए बालिकाओं को पहली कक्षा में अग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने के लिए आवेदन दिए जा रहे थे। अब तक 150 से अधिक फॉर्म डीईओ को प्रेषित भी कर दिए हैं।

लेकिन प्राथमिक शाला की पहली कक्षा में बच्चों के प्रवेश को प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। बच्चों को अयोध्यापुरी स्थित स्कूल में दाखिले की सलाह दी जा रही थी। अभिभावक इसका विरोध कर रहे थे। पत्रिका ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया। विरोध को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तय किया है कि अंग्रेजी माध्यम की पहली कक्षा एजूकेशन हब में लगेगी और बच्चों के लिए पहली कक्षा का संचालन पूर्व की ही तरह शासकीय प्राथमिक शाला स्याहीमुड़ी में जारी रहेगा।


किसी दूसरे स्कूल के सेटअप को यहां किया जा सकता है शिफ्ट
एजूकेशन हब को शुरू करने के लिए ही स्याहीमुड़ी की प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं को बंद करने की तैयारी थी। इसमें से प्रथमिक शाला को तो बंद नहीं करने का निर्णय ले लिया गया है। लेकिन माध्यमिक शाला पर अब भी संशय की स्थिति बनी हुई है। दरअसल जिला प्रशासन द्वारा एजुकेशन हब के लिए नया सेटअप मांगा गया था।

लेकिन वित्त विभाग से इसकी अनुमति नहीं मिली। इसलिए स्याहीमुड़ी के स्कूलों के ही प्राथमिक कक्षाओं को एजूकेशन हब में शुरू कर शेष कक्षाओं को साल-दर-साल शिफ्ट करने की योजना बनाई गई। जिले में ऐसे कुछ स्कूल भी हैं। जिन्हें दुर्गम क्षेत्र में स्थित होने के कारण बंद किया गया है। ऐसे स्कूलों के सेटअप को मिडिल स्कूल स्याहीमुड़ी में लागू कर इसे बंद होने से बचाया जा सकता है।

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एक किमी के दायरे में अन्य स्कूल नहीं होने से भी प्रशासन हुआ मजबूर
शासन की यह जिम्मेदारी है कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों को एक किलोमीटर के दायरे में शिक्षा मिलनी चाहिए। स्याहीमुड़ी में प्राथमिक शाला बंद होते ही यहां के बच्चों को अयोध्यापुरी में दो से ढाई किलोमीटर दूर जाना पड़ता। इस लिहाज से प्रशासन को यह निर्णय लेना पड़ा।


-प्राथमिक स्कूल स्याहीमुड़ी को अब बंद नहीं किया जाएगा। पहली कक्षा की अंग्रेजी माध्यम की कक्षा एजूकेशन हब में जरूर लगेंगी। प्राथमिक शाला में कक्षा पहले की ही तरह यथावत संचालित होंगी। बालकों को अब किसी और स्कूल में भेजने की आवश्यकता नहीं है।
-डीके कौशिक, डीईओ कोरबा