26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Breaking : सड़क के लिए घरों से निकले लोग, बिना किसी राजनैतिक नेतृत्व के हुए एकजुट

निवासियों में लंबे समय से असंतोष
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोरबा

•

image

Shiv Singh

•

Updated: 7 Jul 2018, 11:18 AM IST

निवासियों में लंबे समय से असंतोष

निवासियों में लंबे समय से असंतोष

कोरबा. जमनीपाली-बाकीमोंगरा मुख्य मार्ग की जर्जर हालत से यहां के निवासियों में लंबे समय से असंतोष है। प्रशासन की बेरूखी ने धीरे-धीरे लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। जिसका परिणाम यह निकला कि शनिवार की सुबह बिना किसी राजनैतिक नेतृत्व के लोग घरों से निकले और एकजहुट होकर मार्ग को अवरूद्ध कर दिया। लोगों की मांग है कि सड़क को जल्द से जल्द सुधारा जाए।


सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा जमनीपाली गेट नंबर 5 के मुख्य मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया है। जिससे मोहन टॉकिज होते हुए बांकीमोंगरा तक जाने वाले सड़क शनिवार की सुबह 7 बजे से बंद है। पहुलि बल भी मौके पर तैनात है। जिससे किस कानून व्यवस्था को संभाला जा सके। एसडीएम कटघोरा राजेन्द्र गुप्ता ने लोगों को टेलीफोनिक आश्वासन भी दिया है। लेकिन लोग अब भी सड़क पर जमे हुए हैं।

Read more : Live : इस सड़क से पार हो रहा है हाथियों का परिवार... पहले आकर लौट जाते थे अब बना लिया है घर

निर्माण एजेंसियों के बीच फंसा है पेंच
इस रोड को बनाए जाने के लिए नगर निगम ने दो वर्ष पहले भारी-भरकम राशि का प्रावधान बजट में रखा था। तब यह हुआ था कि लगभग 20 किलोमीटर लंबी सड़क को पार्ट-पार्ट कर निगम व एसईसीएल द्वारा बनाया जाएगा। लेकिन ऐसा हो नहीं सका। जमनीपाली-बांकीमोंगरा सड़क विभिन्न निर्माण एजेंसियों के फेरे में फंस कर रह गई है। यह सड़क बारिश के दिनों में कीचड़ से लथपथ हो जाती है।

वाहन तो दूरी यहां से पैदल चलने में भी लोगों को दिक्कत होती है। आए दिन यहां सड़क दुर्घटनाएं घट रही हैं। जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश और बढता जा रहा है। लोगों द्वारा जल्द से जल्द रोड निर्माण की मांग की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस सड़क का अधिकांश हिस्सा नगर निगम के सभापति धुरपाल सिंह के वार्ड के क्षेत्रांगत आता है। सड़क की मांग को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने भी किया समर्थन देते हुए शनिवा को अपनी दुकाने बंद रखी हैं।