
पाली व पोड़ी के ज्यादातर स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त, सामान्य सभा में सदस्यों ने शिक्षा विभाग पर लगाए ये आरोप...
कोरबा. प्रायमरी और माध्यमिक स्कूलों में लगातार गिर रही शिक्षा गुणवत्ता पर सामान्य सभा की बैठक में सदस्यों ने डीईओ से सवाल भी किया। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सोमवार को जिला पंचायत में सामान्य सभा की बैठक रखी गई थी। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष देवी सिंह टेकाम, उपाध्यक्ष अजय जायसवाल, सीईओ समेत अन्य सदस्यों की उपस्थिति में शुरु हुई। बैठक में शिक्षा विभाग, कृषि, पीएचई और महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा होनी थी। सबसे पहले शिक्षा विभाग पर चर्चा शुरु हुई। सदस्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी से पूछा कि तबादले के बाद से प्रायमरी व माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम हो गई है। इससे गुणवत्ता गिर रही है। इसके लिए विभाग ने कार्ययोजना तैयार की है कि नहीं, इस पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पाली व पोड़ीउपरोड़ा के सदस्यों ने कहा कि इस क्षेत्र के स्कूलों में सबसे अधिक शिक्षकों के पद रिक्त है।
दरअसल ग्रामीण अंचलों में शिक्षक जाना नहीं चाहते। अतिथि शिक्षक के पद पर भी लोग रूचि नहीं ले रहे हैं। इसके आलावा डीईओ सतीश पांडे को शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण अंचलों मेंं भी सघन निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा में खरीफ फसल के लिए बीज पर्याप्त मात्रा में मंगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सदस्य राय सिंह, शकुंतला कंवर, धनेश्वरी सिंद्राम समेत अन्य लोग शामिल थे।
क्वालिटी देखने के बाद ही समूहों का करें चयन
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सदस्यों ने रेडी-टू-ईट की क्वालिटी को लेकर सवाल उठाया। सदस्यों का कहना था कि कई सेक्टर में इस तरह की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। जिन 10 जगहों पर समूह बदले जा रहे हैं वहां पहले रेडी-टू-ईट की क्वालिटी को परखने के बाद ही चयन करें। इसके आलावा बाकि सेक्टरों में क्वालिटी सुधारने के लिए भी कहा गया।
खदान प्रभावित क्षेत्रों मेंं पेयजल के लिए व्यवस्था जरुरी
पीएचई विभाग की समीक्षा के दौरान खदान प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल के लिए व्यवस्था नहीं करने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई गई। दरअसल हर बार पीएचई द्वारा खानापूर्ति करते हुए एसईसीएल के माध्यम से काम कराया जाता है। इससे लोगों को साल भर पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। इस पर सदस्यों ने पीएचई को ऐसे क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था करने कहा गया।
Published on:
26 Nov 2019 12:43 pm
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