
स्कूलों केा बंद करने की ओर कदम बढ़ा दिए
कोरबा. स्याहीमुड़ी के निवासी एजुकेशन हब तो चाहते हैं, लेकिन प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं को बंद करने की कीमत पर नहीं। शिक्षा विभाग ने इन दोनों स्कूलों केा बंद करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं और इससे पालक नाराज हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्राथमिक व माध्यमिक शालाओ को बंद करने की कीमत पर एजुकेशन हब को शुरू किया जाएगा तो फिर उन्हें ऐसे एजुकेशन हब की जरूरत नहीं है।
वर्तमान सत्र में एक जुलाई से एजुकेशन हब में प्राथमिक व माध्यमिक आवासीय बालिका विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित करने की तैयारी प्रशासन द्वारा की जा रही है।
27 जून को इस आशय का आदेश कलेक्टर से जारी किया है। इसके अनुसार पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षणिक परिसर(एजुकेशन हब) में आवासीय बालिका विद्यालय का संचालन किया जाएगा। इसलिए पहली और छठवीं के हिंदी माध्यम के बच्चों का प्रवेश समीपस्थ विद्यालयों में किया जाए। इसके बाद अब प्राथमिक व माध्यमिक शाला स्याहीमुड़ी की पहली और छठवीं कक्षा में प्रवेश बंद कर दिया गया है। यहां अब एजुकेशन हब में पहली और छठवीं कक्षा के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं जबकि बालकों का प्रवेश पूरी तरह से बंद है। इन्हें स्याहीमुड़ी स्कूल के स्थान पर कहीं और पढऩा होगा।
150 से अधिक बच्चे माध्यमिक स्कूल में
शासकीय मिडिल स्कूल स्याहीमुड़ी में वर्तमान लगभग 150 विद्यार्थी पंजीकृत हैं तो वहीं प्राथमिक स्कूल में यह संख्या 103 है। यहां की पहली व छठवीं कक्षा के ऐसे छात्र जिन्होंने एजुकेशन हब के संचालन का आदेश जारी होने के पूर्व में ही यहां एडमिशन ले लिया था। उनके अभिभावक चिंतित हैं। स्याहीमुड़ी के सबसे करीब डांडपारा और अयोध्यापुरी के शासकीय स्कूल हैं। स्याहीमुड़ी से इन दोनों स्कूलों की दूरी दो-तीन किलोमीटर है।
114 बच्चों के फॉर्म आए प्राथमिक स्कूल में
प्राथमिक शाला स्याहीमुड़ी में प्रवेश बंद हो चुका है। अब यहां एजुकेशन हब में एडमिशन के लिए फॉर्म जमा किए जा रहे हैं। प्राथमिक स्कूल स्याहीमुड़ी के प्रधान पाठक ने बताया कि एजूकेशन हब में एडमिशन के लिए 114 फॉर्म डीईओ कार्यालय को प्रेषित कर दिया है। तो वहीं मिडिल स्कूल में भी लगभग 47 फॉर्म जमा किए जा चुके हैं।
- मेरा बेटा माध्यमिक शाला स्याहीमुड़ी की कक्षा 6वीं में हैं। अब कहा जा रहा है कि इसे दूसरी स्कूल में भेजा जाएगा। स्याहीमुड़ी में 6वीं कक्षा में काई बालक नहीं पढ़ेगा। लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते। स्याहीमुड़ी स्कूल में काफी अच्छा शैक्षणिक माहौल है। जोकि आस-पास के स्कूलों में नहीं है।
-रमेश भारिया
-स्यहीमुड़ी की प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं को हम किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने देंगे। फिर चाहे इसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े। गांव में एजुकेशन हब खुलना तो ठीक है। लेकिन पुराने स्कूल को बंद किया जाएगा। तो हमें एजुकेशन हब भी नहीं चाहिए।
-अघन बाई, पार्षद
-अभिभावकों ने विरोध दर्ज कराया है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस मामले में मार्गदर्शन मांगा गया है।
-रामेश्वर जायसवाल, डीएमसी, एसएसए
Published on:
11 Jul 2018 11:05 am
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