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कहीं नाला जाम तो कहीं अधूरा, बारिश में फिर कई बस्तियां में आएगी समस्या

नगर निगम कर रहा सफाई , लेकिन नालों की बिगड़ी चाल से बारिश में होगी परेशानी
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 19 Jun 2018, 12:42 AM IST

कहीं नाला जाम तो कहीं अधूरा, बारिश में फिर कई बस्तियां में आएगी समस्या

कहीं नाला जाम तो कहीं अधूरा, बारिश में फिर कई बस्तियां में आएगी समस्या

कोरबा. कई जगह नाला आधा-अधूरा है तो कई जगह जाम पड़ा हुआ है। हल्की सी बारिश होते ही इन नालों के आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढऩे लगी है। नगर निगम सफाई में जुट गया है। लेकिन नालों की बिगड़ी चाल की वजह से रोजाना जाम की स्थिति जैसी स्थिति बन रही है। यही हाल छोटी नालियों की भी है। जहां पर अब तक सफाई भी शुरू नहीं हो सकी है।
शहर के कई ऐसे नाले हैं जिसके जाम रहने से पहले तो लोग दुर्गंध और मच्छर का प्रकोप झेल रहे हैं तो वहीं बारिश होते ही इन नालों के उफनने से गंदा पानी सड़क तक आ जाता है। इन नालों में प्रमुख रूप से बुधवारी नाला, कुआंभटठ बस्ती के पीछे अधूरा पड़ा नाला, टीपीनगर मुख्य मार्ग, मुड़ापार बस्ती जाने वाले मार्ग पर बनाया गया नाला, डीएसपीएम प्लांट के पीछे ढेंगुरनाला तक मिलने वाला नाला, शारदा विहार के पास नाला, अमरैय्यापारा से रेलवेस्टेशन मार्ग के पास नाला, सीतामणी मार्ग पर पुल से लगी आंगनबाड़ी के पीछे का नाले सहित एक दर्जन और ऐसे नाले हैं जो कि या तो बनी ही नहीं। तो कुछ बनी तो आधी अधूरी। जहां भी नाला आधा अधूरा बना वहां पर परेशानी यह है कि एक जगह से पानी निकलने के बाद दूसरी जगह पर आकर जमा हो जाता है। तो दूसरी ओर नाला नहीं बनने के कारण गंदा पानी कहीं बहने लगता है। जब भी बारिश अधिक आती है तो नाला का पानी घर तक घुस जाता है। पिछले तीन साल बारिश में अब तक इन नालों की वजह से शहर के मुख्य इलाके में पांच फीट तक पानी भर गया था। पिछले सप्ताह लगातार हुई बारिश के बाद इसकी पोल खुलने लगी।
नालोंं की सफाई के लिए विद्युत उपक्रम नहीं जाग रहा

नालों की सफाई के लिए विद्युत उपक्रम नहीं जाग रहे हैं। कॉलोनी में हर दसरे कदम पर कचरा ही कचरा फैला हुआ है। विद्युत कंपनी की पूर्व कॉलोनी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प पड़ी हुई है। सिर्फ नाम के लिए माह में एक बार कचरे का उठाव हो रहा है तो वहीं बरसात पूर्व नालों-नाली की सफाई को लेकर सिविल विभाग सक्रिय नहीं हो रहे हैं। आलम ये है कि कॉलोनी के सभी टाइप जैसे एसई, एसएफ, एसडी, एनएफ व पथर्रीपारा कॉलोनी में जिस भी गली में देखे हर ओर कचरे का आलम है। पथर्रीपारा से ढेंगुरनाले तक पानी बहने के लिए बनाएं गए नाले के सामने कचरा जमा हुआ है। कई नालियां ऐसी है जहां मिटट् जमा हुआ है। इस वजह से बरसात का पानी सड़क पर बहने लगता है।
दर्री मार्ग पर प्रस्तावित नाला, टेंडर के बाद भी अब तक शुरू नहीं हो सका काम
उपनगरीय क्षेत्र दर्री में सीआईएसएफ मुख्यालय के मुख्य गेट के सामने से लेकर एचटीपीपी प्लांट की बाउंड्रीवाल के बीच हर बार बारिश के दिनों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाता है। इस स्टेट हाइवे मार्ग पर बारिश में हर बार जाम की स्थिति बनती है। नाला निर्माण के लिए अधोसरसंचना मद से टेंडर भी किया गया था। लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस बारिश में भी स्थिति जस की जस है। लिहाजा लोगों की परेशानी कम नहीं होते दिखती।

चौक-चौराहों में भी ड्रेनेज नहीं, जमता है पानी
शहर का ड्रेनेज सिस्टम का अब तक ब्लूप्रिंंट तक तैयार नहीं हो सका है। लेकिन चौक-चौराहों में पानी न जमा हो इसके लिए कई जगह अंडरग्राउंड डे्रनेज बनाया गया था। लेकिन यह भी कारगार साबित नहीं हो रहा है। बारिश होते ही कोसाबाड़ी चौक, घंटाघर चौक, जैन मंदिर के पास, टीपीनगर चौक सहित अन्य जगह पर पानी जमाव की स्थिति रहती है।
-ऐसे जितने भी जगह नालें है उनकी सफाई लगातार की जा रही है। वहीं सभी जोन को निर्देशित किया गया है कि नालों में किसी भी तरह जाम की स्थिति नहीं रहे।
भागीरथ वर्मा, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम कोरबा