
शिकायतों का अंबार
कोरबा। Chhattisgarh News: शहर के तुलसीनगर, पाड़ीमार, दर्री समेत शहरी क्षेत्र में कुल 47 मीटर रीडरों को हर महीने बिल जनरेट करने की जिम्मेदारी दी गई है। शहर में करीब 50 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। बिल जनरेट करने में मीटर रीडरों द्वारा जमकर लापरवाही बरती जा रही है। कई उपभोक्ता ये शिकायत लेकर पहुंचते हैं कि हर महीने उनके घर में बिल जनरेट नहीं हो रहा है, औसत बिल थमा दिया जाता है। कुछ महीने बाद औसत बिल की अवधि का एक साथ रीडिंग कर अधिक बिल थमा दिया जाता है।
ऐसे में उपभोक्ता द्वारा पटाए गए औसत बिल की राशि को कम करने जोन कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इसी तरह शिकायत आ रही है कि गलत रीडिंग कर अधिक बिल दे दिया जा रहा है। यही नहीं शिकायत यह भी आ रही है कि एक महीने का बिल जनरेट करने में रीडरों द्वारा लेट किया जाता है। कई बार एक ही महीने में दो-दो बिल जनरेट करने की भी शिकायत आ रही है। जिन उपभोक्ताओं के घर कुछ दिनों के लिए बंद हैं, खपत नहीं है। उनको भी अधिक बिल दे दिया जाता है।
बिल नहीं देने पर फोटो खींचकर लाने दौड़ाते हैं अधिकारी
जब लोग बिल जनरेट नहीं होने की शिकायत लेकर जोन कार्यालय पहुंचते हैं तो विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं की ही परेशानी बढ़ा देते हैं। उपभोक्ताओं को कहा जाता है कि मीटर की फोटो खींचकर लाए। फोटो के आधार पर नया बिल जनरेट जोन कार्यालय से जारी होता है, लेकिन कभी भी मीटर रीडर पर कार्रवाई नहीं होती है।
रीडरों की लापरवाही से लोग हाफ बिल योजना से हो रहे वंचित
रीडरों की लापरवाही से लोग बिजली बिल हॉफ योजना से वंचित हो रहे हैं। दरअसल जब औसत बिल देने के बाद एकमुश्त बिल जनरेट किया जाता है तो निर्धारित खपत से अधिक होने पर हॉफ बिजली बिल का लाभ नहीं मिल पाता है। विभाग बिल जमा करने का दबाव बनाता है, मजबूरी में लोगों को बिल जमा करना पड़ता है।
बीते छह महीने में सिर्फ 18 हजार का ही जुर्माना
वितरण विभाग द्वारा बीते छह महीने में मीटर रीडरों से सिर्फ 18 हजार का ही जुर्माना वसूला गया है। बड़ी कार्रवाई किसी पर नहीं हुई है। जबकि रीडिंग में लापरवाही के कई शिकायतें आ चुकी है। दरअसल जोन कार्यालय से मुख्यालय तक हर रीडर की महीने वार बिल की समीक्षा नहीं होती है, किस रीडर के क्षेत्र की कितनी शिकायतें लेकर लोग पहुंचे। इसे लेकर अधिकारी जानकारी देते ही नहीं है।
लापरवाही पर कार्रवाई का प्रावधान
लापरवाही करने वाले रीडरों पर है 5 रुपए से लेकर 400 रुपए जुर्माने का प्रावधान है। बिलिंग डेटा के अनुसार मीटर रीडिंग निर्धारित अवधि में नहीं करने पर प्रतिदिन सौ रुपए रीडर के वेतन से काटे जा सकते हैं। बिल जनरेट करने में गलती करने में पांच रूपए प्रति माह अर्थदंड लगने का प्रावधान।एक ही उपभोक्ता का लगातार दूसरी बार बिल में गलती करने पर 25 रुपए वेतन से काटे जाने का प्रावधान। अंडर रीडिंग और ओवर रीडिंग करने पर प्रति उपभोक्ता चार सौ रुपए की दर से राशि देने का प्रावधान है। उपभोक्ता द्वारा बिल नहीं देने की शिकायत की पुष्टि होने पर पारिश्रमिक दर में कटौती।
Published on:
13 Oct 2023 01:24 pm
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