
एनटीपीसी की जमनीपाली यूनिट में तीन दिन तक उत्पादन
कोरबा. कोल मंत्रालय की दखल के बाद बिजली संयंत्रों के कोयले की आपूर्ति में थोड़ा सुधार हुआ है। लेकिन अभी भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। एनटीपीसी की जमनीपाली यूनिट में तीन दिन तक उत्पादन के लिए कोयले का स्टॉक है, तो सीपत यूनिट संयंत्र से बिजली की आपूर्ति अभी भी रोज होने वाली कोयले की आपूर्ति पर निर्भर है।
सेंट्रल एनर्जी ऑथोरिटी की रिपोर्ट के अनुसार एनटीपीसी की जमनीपाली इकाई में दो दिन तक बिजली उत्पादन के लिए कोयले का स्टॉक है। बिलासपुर स्थित सीपत संयंत्र में कोयले की आपूर्ति में अभी भी सुधार नहीं हुआ है। रोज होने वाली आपूर्ति पर संयंत्र से बिजली का उत्पादन निर्भर है। सेंट्रल एनर्जी ऑथोरिटी की रिपोर्ट बताती है कि बालको के 1200 मेगावाट संयंत्र में तीन दिन, डीएसपीएम में नौ दिन, कोरबा पूर्व में 10 दिन, हसदेव ताप विद्युतगृह मेंं दो दिन, कोरबा पश्चिम में आठ दिन और मड़वा संयंत्र में छह दिन का स्टॉक है।
15 दिन का स्टॉक जरूरी
सेंट्रल एनर्जी ऑथोरिटी के अनुसार बिजली संयंत्रों में 15 दिन का स्टॉक होना जरूरी है। खदानों से संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति सामान्य नहीं होने से संकट की स्थिति बनी है। इसे सामान्य करने के लिए कोल सचिव से लेकर कोल इंडिया के चेयरमैन तक गेवरा दीपका व कुसमुंडा का दौरा कर चुके है।
एनटीपीसी के अफसर भी आए हैं। इसके बाद भी स्टॉक सामान्य नहीं हुआ है।
सेंट्रल एनर्जी ऑथोरिटी के अनुसार बिजली संयंत्रों में 15 दिन का स्टॉक होना जरूरी है। खदानों से संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति सामान्य नहीं होने से संकट की स्थिति बनी है। इसे सामान्य करने के लिए कोल सचिव से लेकर कोल इंडिया के चेयरमैन तक गेवरा दीपका व कुसमुंडा का दौरा कर चुके है। एनटीपीसी के अफसर भी आए हैं। इसके बाद भी स्टॉक सामान्य नहीं हुआ है।
Published on:
17 Nov 2018 11:22 am
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