
गेवरा में भारत गैस का संचालन करने वाली समिति में हड़कंप
कोरबा. गेवरा प्रोजेक्ट कंज्यूमर को- ऑपरेटिव स्टोर द्वारा संचालित भारत गैस के उपभोक्ताओं के कनेक्शन की सुरक्षा (मेंडेट्री) जांच में हुई गड़बड़ी की जांच प्रशासन ने चालू की है। 25 अक्टूबर तक जांच पूरी होने की संभावना है। प्रारंभिक तौर पर शिकायत सही पाई गई है।
मामले का खुलासा होने के बाद गेवरा में भारत गैस का संचालन करने वाली समिति में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि भारत पेट्रोलिय कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं के कनेक्शन की सुरक्षा जांच कराने के लिए सोसाइटी को कहा था। इसके लिए सोसाइटी की बैठक में एक प्रस्ताव रखा गया था। बैठक में प्रस्ताव को पारित किया गया। गेवरा प्रोजेक्ट कंज्यूमर को- ऑपरेटिव सोसाइटी ने अपने कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के घर भेजा। चूल्हा रिपेयरिंग करने पर 177 रुपए और बर्नर बदलने पर 265 रुपए लिया।
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श्रमिक संगठन गेवरा कोयला मजदूर सभा का आरोप है कि मेंडेट्री कराने वाले प्रत्येक उपभोक्ताओं से 177 रुपए शुल्क लिया गया। इसे सोसाइटी के खाते में जमा नहीं किया गया। संगठन का आरोप है कि मेंडेट्री शुल्क के तौर पर सोसाइटी ने लगभग नौ लाख 73 हजार 518 रुपए की गड़बड़ी की। उपभोक्ता को जीएसटी नंबर के बिना कच्चा बिल दिया। संगठन ने सोसाइटी पर जीएसटी की राशि में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया है। सोसाइटी में मेंडेट्री शुल्क की हुई गड़बड़ी की शिकायत कलेक्टर, पंजीयक सहकारिता से की गई है। साथ ही सेंट्रल जीएसटी को भी अवगत कराया गया है।
पांच हजार उपभोक्ताओं ने कराया मेंडेट्री
गेवरा गैस एजेंसी में लगभग साढ़े सात हजार उपभोक्ता हैं। इसमें लगभग साढ़े पांच हजार लोगों ने मेंडेट्री कराया है।
रिफिलिंग स्लीप पर कच्चा बिल क्यों
मजदूर सभा का कहना है कि गैस रिफिलिंग कराने पर उपभोक्ता को जो बिल गेवरा गैस एजेंसी से दी जाती है, उस पर जीएसटी नंबर लिखा होता है। फिर मेंडेट्री जांच के दौरान उपभोक्ता को दी जाने वाली बिल पर जीएसटी का उल्लेख क्यों नहीं किया गया?
-बीपीसीएल के आदेश पर उपभोक्ताओंं की मेंडेट्री जांच कराई गई। इसके लिए एक मैकेनिक विनोद सिंह को अधिकृत किया गया था। अभीतक लगभग 1200 उपभोक्ताओं की मेंडेट्री हुई है। सोसाइटी के पास बिल बुक पहले से छपा हुआ था। इसे देकर मेंडेट्री कराई गई। जीएसटी का आंकलन किया जा रहा है। अन्य हिसाब किताब को भी ठीक कर लिया जाएगा। आरके सिंह, अध्यक्ष गेवरा प्रोजेक्ट कंज्यूमर को- ऑपरेटिव
-बीपीसीएल के आदेश पर उपभोक्ताओंं की मेंडेट्री जांच कराई गई। इसके लिए एक मैकेनिक विनोद सिंह को अधिकृत किया गया था। अभीतक लगभग १२०० उपभोक्ताओं की मेंडेट्री हुई है। सोसाइटी के पास बिल बुक पहले से छपा हुआ था। इसे देकर मेंडेट्री कराई गई। जीएसटी का आंकलन किया जा रहा है। अन्य हिसाब किताब को भी ठीक कर लिया जाएगा। आरके सिंह, अध्यक्ष गेवरा प्रोजेक्ट कंज्यूमर को- ऑपरेटिव
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Published on:
24 Oct 2019 12:55 pm
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