
जर्जर और खटारा गाडिय़ां दौड़ रही सड़क पर
कोरबा. सड़क पर जर्जर और खटारा गाडिय़ां दौड़ रही हैं। वाहन चालकों के पास न फिटनेस और न ही परमिट। लाइसेंस की जांच करने वाला भी कोई नहीं है। वाहन मालिकों की मनमानी से सफर करने वाले यात्री व रास्ते चलते लोग परेशान हैं। लेकिन परिवहन विभाग कार्रवाई को तैयार कर नहीं है।
दर असल छह माह पहले सरकार ने परिवहन विभाग के पर कतर दिया था। सड़क पर गाडिय़ों की चेकिंग को प्रतिबंधित कर दिया था। उडऩदस्ता से अधिकार छिनकर कार्यालय में अटैच कर दिया था। तब से यही व्यवस्था चल रही है। छोटी बड़ी गाडिय़ों की जांच के लिए विभाग के पास कोई अमला नहीं है। इससे वाहन चालकों की मनमानी बढ़ गई है। सबसे अधिक मानमानी सवारी बसें के चालक और ट्रक ड्राइवर कर रहे हैं।
लोड गाडिय़ां एक्सल उठाकर सड़क पर दौड़ रही हैं। इससे सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही संतुलन बिगडऩे से दुर्घटनाएं भी बढ़ी है। ओवर लोड गाडिय़ों की जांच भी ठप पड़ गई है। चालकों के पास लाइसेंस है या नहीं। इसकी जांच नहीं हो रही है। गाडिय़ों के फिटनेस और परमिट का हाल भी बुरा है। सड़क पर स्कूली बसों की जांच भी बंद हो गई है।
20 से 25 लाख का नुकसान
उडऩादस्ता की शक्ति छीन जाने से परिवहन विभाग के कोरबा कार्यालय को भी काफी नुकसान हुआ है। प्रत्येक माह 20 से 25 लाख की राजस्व वसूली कम पड़ गई है। ट्रैक्स देने से आनाकानी करने वाले गाडिय़ों की जब्ती भी नहीं हो रही है।
कोरबा में 14 हजार ट्रक
परिवहन विभाग के अनुसार हर दिन कोरबा से औसत 14 से 15 हजार ट्रकें माल लेकर आना जाना करती है। सबसे अधिक सड़क को नुकसान इन्हीं द्वारा पहुंचाया जाता है। पहिया उठाकर और क्षमता से माल लोड अधिक होने से सड़क को अधिक नुकसान पहुंचता है। निर्माण के दो तीन साल भीतर ही सड़के उखड़ जाती हैं।
एक इंस्पेक्टर सहित छह स्टॉफ
कोरबा के परिवहन कार्यालय में उडऩदस्ता की एक टीम है। इसमें एक इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर, हवलदार और सिपाही शामिल हैं। सभी को दफ्तर में अटैच कर रखा गया था। शिकायत आने पर ही जिला परिवहन अधिकारी उडऩदस्ता को जांच के लिए भेजा सकता है। अन्या दफ्तर में ही रहने की हिदायत है।
Updated on:
10 Aug 2018 06:29 pm
Published on:
10 Aug 2018 06:27 pm
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