
नए प्रयोग से दूर हो रही सामाजिक बुराइयां
कोरबा. आधुनिकता के वर्तमान दौर में बच्चे नैतिकता की शिक्षा से अगल हो रहे है। आइए हम आपको जिले के एक ऐसे स्कूल में ले चलते हैं, जहां सामान्य विषयों से बिल्कुल हटकर नैतिक शिक्षा के लिए मंगलवार को एक घंटा आरक्षित रहता है। नैतिक शिक्षा से विद्यालय ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों का विचार भी सकारात्मक हो गया है। इस क्षेत्र से सामाजिक बुराईयोंं को समाप्त करने की दिशा में भी यह प्रयास अब कारगर सिद्ध हो रहे है।
दीपका के समीप शासकीय माध्यमिक शाला बिंझरा मौजूद है। विद्यालय में कुल 100 छात्र-छात्राएं है। जिसमें 50 छात्र व 50 छात्राएं शामिल है। इस विद्यालय में प्रतिदिन सामान्य विषयों की शिक्षा दी जाती है। सप्ताह में मंगलवार को नैतिक शिक्षा दी जाती है। यह कार्य श्री सत्य साईं समिति के सदस्यों के माध्यम से किया जा रहा है। जोकि बच्चों को आध्यात्मिक व नैतिक ज्ञान प्रदान कर रहे हैं। विद्यालय को पर्यावरण के दृष्टिकोण से हरा-भरा बनाने के लिए जनप्रतिधियों व ग्रामीणों ने फलदार व छायादार वृक्ष लगाए हैं। इन पौधों की देखरेख का दायित्व भी सभी मिल जुलकर संभालते हैं। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन पौंधों में पानी डालते हैं।
-विद्यालय में नैतिक ज्ञान देने से बच्चों को चरित्र निर्माण होगा। इसके सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। विद्यालय में और भी कई नवाचार किए जाते हैं। जिसमें ग्रामीणों की सबसे बड़ी सहभागिता है।
-सर्वेश सोनी, प्रधान पाठक, माशा बिंझरा
Published on:
03 Nov 2018 05:34 pm
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