
पढ़ाई में नहीं लगा मन तो हॉस्टल से भाग गईं चार छात्राएं, जानें भाग कर कहां ली शरण
कोरबा. कोरकोमा के प्री मैटिक छात्रावास से लापता पहाड़ी जनजाति की चार छात्राओं को पुलिस ने खोज लिया है। छात्राएं नानी के घर में मिली हैं। पूछताछ में छात्राओं ने पुलिस को बताया है कि पढ़ाई मेंं मन नहीं लगने पर हॉस्टल से चली गई थी। पुलिस ने बताया कि पहाड़ी कोरवा जनजाति की चार छात्राएं गुरुवार सुबह कोरकोमा के प्री मैटिक छात्रावास से स्कूल के लिए निकली थी। छात्राओं ने स्कूल पहुंच कर बैग को रख दिया। इसके बाद फरार हो गई। शिक्षक ने हाजिरी ली तो पता चला कि छात्राओं का बैग है, लेकिन छात्राएं स्कूल में नहीं है। उसने घटना की सूचना हॉस्टल की अधीक्षिका रूपमणी श्याम को दी। रूपमणी ने खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उसने घटना की सूचना रजगामार पुलिस को दी। एक साथ पहाड़ी कोरवा जाति की चार छात्राओं के लापता होने की खबर सुनकर पुलिस के होश उड़ गए। उनकी तलाश शुरू हुई।
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छात्राओं की जानकारी जुटाने पुलिस टीम उनके घर ग्राम पतरापाली पहुंची और उनके माता पिता से रिश्तेदारों के बारे में जानकारी ली। रात भर पुलिस की टीम रिश्तेदारों के घर पतासाजी करती रही, लेकिन लापता छात्राओं का कोई सुराग नहीं मिला। वक्त गुजरने के साथ पुलिस की परेशानी बढ़ रही थी।
छात्राओं के सकुशल मिलने से पुलिस ने राहत की सांस ली। सूचना पुलिस वरिष्ठ अफसरों को दी गई। प्रशासन को भी अवगत कराया गया है। छात्राएं पतरापाली की हैं और अभी खैरभावना में नानी के घर हैं। शनिवार को उन्हें गृहगांव पतरापाली भेजा जाएगा।
जबरन रखा तो फिर भागने की धमकी
पुलिस को पूछताछ में छात्राओं ने बताया है कि वे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई नहीं करना चाहती हैं। परिवार के साथ अपने घर पर रहना चाहती हैं। पुलिस को यह भी बताया है कि उन्हेंं दोबारा हॉस्टल में रखा गया तो फिर से भाग जाएंगी।
मंगलवार को आए थे हॉस्टल
पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि चारों लड़कियों को उनके परिवार ने चार दिन पहले मंगलवार को कोरकोमा के हॉस्टल में छोड़ा था। बुधवार को चारों स्कूल जाने के लिए निकली। इसके बाद लापता हो गईं।
प्रशासन रखा छात्रावास में
संरक्षित जनजाति होने से प्रशासन ने चारों छात्राओं को पिछले साल हॉस्टल में रखा था। पहले छात्राएं आना नहीं चाहती थी, लेकिन उन्हें शिक्षा से जोडऩे के लिए रखा गया था।
Published on:
06 Jul 2018 10:01 pm
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