
कोरबा . सुबह खेत की ओर गए एक बुजुर्ग पर भालू ने हमला कर दिया। बुजुर्ग के गिरते ही भालू उसके सिर व आंखों को नोंचता रहा। दर्द से तड़पते ग्रामीण की आवाज सुनकर उसके बेटे और बहु दौड़ते हुए पहुंचे। उनको देख भालू बुजुर्ग को छोड़कर भागा। ग्रामीण की स्थिति नाजुक बनी हुई है। जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
कुदमुरा वन परिक्षेत्र के अन्र्तगत आने वाले ग्राम एलोंग में रहने वाले मोहितराम (55) रविवार की सुबह दस बजे घर के पास ही खेत की ओर गया हुआ था। इसी बीच एक भालू पीछे की ओर से उस पर आ धमका। भालू को देख बुजुर्ग मोहितराम खेत पर ही गिर गया। उसके गिरते ही भालू सिर व आंखों को नोंचने लगा। बताया जा रहा है ेिक मोहितराम अपने बहु और बेटे के साथ लकड़ी लेने गया हुआ था।
बहु-बेटे थोड़ी दूर पर लकड़ी बिन रहे थे। इसी बीच मोहितराम की चीखें सुनकर हक्के-बक्के रह गए। जब वे पास पहुंचे तो भालू बुजुर्ग पर हमला कर रहा था। दोनों की आवाज सुनकर भालू वहां से भाग गया। ग्रामीण की एक आंख व सिर पर गंभीर चोटें आई है। इसको तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां स्थिति नाजुक बनी हुई है।
जल्के में हाथियों ने मचाया उत्पात
वहीं, ग्राम पंचायत जल्के का आश्रित ग्राम पनगांवा में बीती रात 12 हाथियों के दल ने किसानों के अरहर, टमाटर एवं धान के खरही को नुकसान पहुचाया है। पनगांवा निवासी मनोज ने बताया कि सारी रात जंगली हाथियों द्वारा पूरे गांव मे विचरण कर किसानों के फसलों को रौंदते हुए हाथियों द्वारा खूब नुकसान किया गया है। इसकी सूचना वन परिक्षेत्र अधिकारी पसान को कई बार दी गई, किन्तु तबीयत खराब की बात कह कर वन कर्मी मौके पर नही आये। इसे लेकर कारण ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। इसी तरह सलिहाभाठां लालपुर कटमोरगा के जंगलो में कई हाथियों का दल के विचरण करने की बात कही जा रही है। इसी तरह हाथियों के एक दल ने ग्राम पंचायत सरभोका प्राशा के बाउन्ड्रीवाल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है कुछ दिन पूर्व ग्राम मड़ई के एक बुजुर्ग को हाथी ने जान से मार डाला था। लगभग दो महीने बीतने को है, पोड़ीउपरोड़ा तहसील क्षेत्र में हाथियों के उत्पात से ग्रामीण भारी परेशान हैं।
जंगली जानवरों से पीडि़त परिवारों को मिली मदद
जिले में चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान माह नवंबर तक की स्थिति में जंगली जानवरों से क्षति के 1249 प्रकरणों में एक करोड़ 10 लाख 26 हजार 327 रूपये का मुआवजा पीडि़तों को वितरित किया जा चुका है। यह राहत राशि इन प्रकरणों में एक अप्रेल 2017 से 30 नवंबर 2017 तक की अवधि में दी गई है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इनमें वनमण्डल कोरबा एवं कटघोरा शामिल है। इन प्रकरणों में जनहानि, जनघायल, फसल हानि और मकान क्षति के प्रकरण शामिल हैं।
वनमण्डल कोरबा के अन्तर्गत हाथी एवं भालू से प्रभावित जनहानि के सात प्रकरणों में 28 लाख, भालू एवं सुकर के हमले में जन घायल 20 प्रकरण में नौ लाख नौ हजार 63 रूपये, हाथी एवं तेंदुआ के हमले से पालतू पशु हानि के 28 प्रकरणों में एक लाख 80 हजार रूपये, हाथी द्वारा पहुंचाई गई फसल क्षति के 1090 प्रकरणों में 53 लाख 55 हजार 810 रूपये एवं अन्य संपत्ति क्षति के 20 मामलों में एक लाख 33 हजार एक सौ रूपये, हाथी द्वारा मकान हानि के 20 प्रकरणों में 11 लाख 17 हजार 610 रूपये की सहायता राशि पीडि़तों को प्रदाय की गई है। इसी तरह वनमण्डल कटघोरा के अंतर्गत जनघायल के 10 प्रकरणों में 77 हजार 784 रूपये, पशुहानि के 37 प्रकरणों में चार लाख 35 हजार रूपये, फसल हानि के चार प्रकरणों में आठ हजार 300 रूपये की मुआवजा राशि वितरित की गई है।
Published on:
24 Dec 2017 08:19 pm
बड़ी खबरें
View Allकोरबा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
