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यहां के बूथ में राजनैतिक दलों को मिला था जनता का अपार प्यार, फिर भी नहीं बदले हालात

थोक में जहां मिले थे वोट, वहां फिर भी नहीं बदले हालात

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कोरबा

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Shiv Singh

Sep 13, 2018

थोक में जहां मिले थे वोट, वहां फिर भी नहीं बदले हालात

थोक में जहां मिले थे वोट, वहां फिर भी नहीं बदले हालात

कोरबा. पिछले विधानसभा चुनाव 2013 मेंं मतदाताओं ने अपनी पहली पसंद को अपना कल गढऩे के लिए थोक में वोट दिया था। ज्यादातर मतदाताओं इसी उम्मीद से अपना प्रतिनिधि चुना जो उनके बीच आकर उनकी पीड़ा, समस्याएं दूर करेगा। पिछले चुनाव में वोटों और काम का गणित देखें तो जनता की उम्मीदें धरासाई ही हुई हैं।

पक्ष हो या विपक्ष, कई बूथों पर थोक में वोट मिलने के बावजूद जीतने के बाद विधायकों ने सुध नहीं ली। जो हार गए, वे तो पलटकर आए ही नहीं। जो जीते उन्होंने भी सूरत दिखाने में कंजूसी भी बरती। पत्रिका ने कोरबा विधानसभा के बूथ क्षेत्रों की पड़ताल की। जहां कांग्रेस को अधिक वोट मिले थे वहां मतदाताओं ने कहा उनके क्षेत्र में काम तो हुए लेकिन अब भी ऐसे काम की लंबी लिस्ट है जिसकी जरूरत है।

वहीं भाजपा को जहां अधिक वोट मिले थे वहां से लोग सरकार से संतुष्ट नहीं है। पिछले चुनाव में कोरबा विधानसभा के 240 बूथों के 69 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का उपयेाग किया था। कांग्रेस से जयसिंह अग्रवाल और भाजपा के जोगेश लांबा के बीच सीधी टक्कर थी। 240 में 151 बूथ पर जयसिंह अग्रवाल ने बढ़त हासिल की थी।

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वहीं 88 बूथों पर भाजपा के प्रत्याशी जोगेश लांबा को अधिक वोट मिले थे। कुल 14449 वोटों से जयसिहं अग्रवाल ने जोगेश लांबा को परास्त किया था। फिर से चुनाव की बेला आ गई है। विधायक जयसिंह को जिस भरोसे से लोगों ने थोक में वोट दिए उन बस्तियों में उन्होनें काम भी कराया। भिलाईखुर्द, दादरखुर्द, कोहडिय़ा, पाड़ीमार जैसे ऐेस बूथ थे जहां अब काम बोलता है लेकिन अब भी लोगों के मन में यह बात है कि समय के साथ जो जरूरतें बढ़ी उन कार्यों की फेहरिस्त भी छोटी नहीं है, उन पर भी विधायक को काम करवाना था।


दूसरी तरफ पूर्व महापौर जोगेश लांबा ने हार के बाद तो अपने विधानसभा के आधे से ज्यादा क्षेत्र में कभी मुड़ कर नहीं देखा। शहर के कुछ इलाकों को छोड़कर लांबा कभी नहीं पहुंचे। जनता भी परेशान कि पूरे विश्वास के साथ उन्होंने अपना महत्वपूर्ण एक-एक वोट लांबा को दिया था।


एक ऐसा भी बूथ जहां दोनों को मिले थे बराबर वोट
पिछले विधानसभा चुनाव में एक ऐसा भी बूथ था जहां से जयसिंह अग्रवाल और जोगेश लांबा को दोनों एक समान वोट दिया था। बूथ क्रमांक 27 जमनीपाली में दोनों ही प्रत्याशियों को बराबर 428-428 वोट हासिल हुआ था। क्षेत्र की जनता ने दोनों ही प्रत्याशियों को एक समान सम्मान के साथ वोट दिया था। यह क्षेत्र एनटीपीसी कॉलोनी व उससे लगा हुआ क्षेत्र है। इस कॉलोनी में सारी सुविधा प्रबंधन की ओर से होती है। उसके बाद भी कई काम इस बूथ क्षेत्र में विधायक द्वारा कराया गया है।


-पिछले चुनाव में ऐसे कोई भी बूथ जहां से वोट मिले या फिर नहीं, सभी जगह बराबर काम कराया गया है। बिना भेदभाव किए उन वार्डों में प्राथमिकता दी गई है। कई जगह काम करवाना है, लेकिन सरकार द्वारा फंड नहीं दिया जा रहा है। निगम में इंजीनियरों की कमी भी आड़े आ रही है।

-सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, महामंत्री, कांग्रेस


-जहां से कांग्रेस को वोट कम मिले वहां जानबूझकर काम रोक दिया गया है। जब भी सीएम कोरबा प्रवास पर आ रहे हैं करोड़ों के कार्यों का लोकार्पण कर रहे हैं, लेकिन उन कार्यों को नहीं कराया जा रहा है। निगम मेंं कांग्रेस की सत्ता जिसके द्वारा इन कार्यों में -अड़चन डाली जा रही है। राजेन्द्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष, भाजपा