
उपार्जन केन्द्र पहुंंचकर धान को समिति के हवाले कर दिया
कोरबा. धान खरीदी शुरू होने के दूसरे दिन शुक्रवार को खरीदी की बोहनी हुई। दो किसानों ने पहले ही दिन टोकन कटाया था। जिन्होंने उपार्जन केन्द्र पहुंंचकर धान को समिति के हवाले कर दिया। हालांकि सर्वन डाउन रहने के कारण खरीदी की जानकारी ऑनलाईन अपलोड नहीं हो सकी है।
खरीदी शुरू होने के पहले ही दिन दो किसानों ने कटघोरा में 18 तो उमरेली के उपार्जन केन्द्र में आठ क्विंटल धान बेचने के लिए टोकन कटाया गया था। पहले दिन कुल 26 क्विंटल धान बेचने के लिए टोकन कटाया गया था। लेकिन देर शाम तक जानकारी ऑनलाईन अपलोड नहीं हो पाने के कारण धान खरीदी की वास्ततिक मात्रा का पता नहीं चल सका था। हालांकि धान खरीदी की बोहनी होने की पुष्टि अफसरों ने जरूर कर दी है। जबकि वह धान खरीदी में वास्तविक तेजी दीवाली के बाद ही आने बात कह रहे हैं।
अब तक 70 राइस मिलर्स ने धान उठाव के लिए खाद्य विभाग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया है। मिलर्स के आवेदनों की जांच के पश्चात प्रशासन द्वारा इनसे अनुबंध किया जाएगा।
17 प्रतिशत से अधिक मॉइस्चर होने पर धान हो जाएगी रिजेक्ट
धान उपार्जन केन्द्रों द्वारा किसानों द्वारा लाए गए धान का मॉइस्चर टेस्ट किया जाता है। धान में यदि 17 से अधिक नमीं पाई जाती है, तो इस धान को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। 17 प्रतिशत से अधिक नमीं वाले धान का गीला धाना माना जाता है। जिससे चावल निकलने की संभावना कम हो जाती है।
मक्का के एक भी किसान से नहीं कराया पंजीयन
धान के साथ इस वर्ष सरकार मक्का को भी समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। लेकिन अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी जिले में एक भी मक्का किसान ने पंजीयन नहीं कराया है। इसलिए जिले से मक्के की खरीदी नहीं हो सकेगी। जबकि इस वर्ष 23 हजार 777 धान के किसानों ने पंजीयन कराया है।
-शुक्रवार को दो किसानों धान बेचा है। जिससे जिले में धान खरीदी की बोहनी हो चुकी है। सर्वर डाउन होने के मात्रा का पता नहीं चल सका है। मक्का के एक भी किसान ने पंजीयन नहीं कराया है।
-एसके जोशी, नोडल अधिकारी सहकारी बैंक
Published on:
03 Nov 2018 02:03 pm
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