
स्लम बस्तियों की हालत बरसात के दिनों में बद से बदतर
कोरबा. शहर की स्लम बस्तियों की हालत बरसात के दिनों में बद से बदतर हो चुकी है। सिर्फ शहर में ही नहीं अंदरूनी इलाकों में भी निगम का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से फेल है। वार्ड क्रमांक 52 फर्टिलाइजर बस्ती के निवासी बारिश में पीने के पानी के लिए भी तरस जाते हैं।
फर्टिलाईजर बस्ती में जल निकासी की कोई सुविधा नहीं है। दर्री मुख्य मार्गों के बरसात का पानी बहकर फर्टिलाइजर बस्ती से होकर गुजरने वाले नाले से बाहर निकलता है। इस नाले की सफाई नहीं की जाती जिसके कारण बरसात को पानी पूरी बस्ती में जाम हो जाता है। नालियों को पानी घरों में प्रवेश कर जाता है।
बस्ती के कुएं में भी नाली का पानी चला गया है। जिससे कई जलस्त्रोत भी खराब हो गए है। बस्तीवासियों के आरोप है कि कई बार पार्षद से लेकर निगम व कलेक्टर से इस समस्या की शिकायत की गई लेकिन कोई भी समाधान नहीं निकला। बस्ती में नाली के ऊपर भी अतिक्रमण कर लिया गया है।
संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा
बस्ती में पानी जमने व कुएं में गंदा पानी जाने से लोगों में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। कुएं का पानी अधिकांश घरों में पेयजल के रूप में उपयोग किया जाता है। पानी दूषित होने से डायरिया का खतरा बना रहता है। कई बच्चे व बूढ़े दस्त की बीमारी से पीडि़त हो चुके हैं। गंभीर बीमारी का खतरा बना हुआ है।
आवागमन में होती है दिक्कत
बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान राशन सहित अन्य सामानों को लेकर जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बस्ती की गलियां कच्ची हैं जिसके कारण कीचड़ हो जाता है। स्कूली बच्चे इस मार्ग से ही आना-जाना करते हैं जिसके कारण ये भी फिसलकर गिर जाते हैं।
इससे जहां वे चोटिल हो जाते हैं वहीं इनके कपड़े भी गंदे हो जाते हैं। इससे इन्हें स्कूल जाने में दिक्कत होती है। बस्तीवासियों द्वारा सीसी रोड बनाने की मांग की जा चुकी है लेकिन निगम द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे बारिश के मौसम में इनकी समस्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।
Published on:
28 Jul 2018 01:06 pm
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