21 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रेड यूनियन में तीन गुना सदस्य संख्या होने से कोल इंडिया की परेशानी बढी, आखिर कैसे हुआ ये, पढि़ए खबर…

- कोल इंडिया में ट्रेड यूनियन की सदस्य संख्या सत्यापन के बाद करीब 11 लाख तक पहुंच गई

2 min read
Google source verification

कोरबा

image

Shiv Singh

Nov 16, 2018

ट्रेड यूनियन में तीन गुना सदस्य संख्या होने से कोल इंडिया की परेशानी बढी, आखिर कैसे हुआ ये, पढि़ए खबर...

ट्रेड यूनियन में तीन गुना सदस्य संख्या होने से कोल इंडिया की परेशानी बढी, आखिर कैसे हुआ ये, पढि़ए खबर...

कोरबा. कोल इंडिया में ट्रेड यूनियन की सदस्य संख्या सत्यापन के बाद करीब 11 लाख तक पहुंच गई है। यह संख्या कामगारों की वास्तविक संख्या से करीब तीन गुणा अधिक है। सदस्यों की संख्या में बढ़ोत्तरी का बड़ा कारण एक व्यक्ति का एक से अधिक श्रमिक संगठनों का सदस्य होना बताया जा रहा है।

कोल इंडिया व इसकी अनुषांगिक कंपनियों में करीब पौने तीन लाख कर्मी नियोजित हैं। इन कंपनियों में काम करने वाले श्रमिक अलग अलग ट्रेड यूनियन के सदस्य हैं। सीटू को छोड़कर सभी श्रमिक संगठन अपने सदस्यों की संख्या का भौतिक सत्यापन कराते हैं। इसमें बीएमएस, एचएमएस, इंटक और एटक शामिल है। सदस्यों की संख्या के आधार पर कंपनी कोल इंडिया व उसकी अनुषांगिक कंपनियों की अलग-अलग समितियों में प्रतिनिधित्व देती है। वास्तविक संख्या से ट्रेड यूनियन में तीन गुना सदस्य संख्या होने से कोल इंडिया की परेशानी बढ़ गई है कि ये आखिर कैसे हो गया है।

Read More : सहायता बूथ बनाने लेनी होगी अनुमति, एक टेबल, दो कुर्सियां व एक बड़ा छाता ही लगेगा, टेंट लगाने की अनुमति नहीं

एचएमएस पहले स्थान
सदस्य संख्या के मामले में हिन्द मजदूर संघ पहले स्थान पर है। एसईसीएल में भी एचएमएस शीर्ष स्थान पर है। गेवरा दीपका में भी कोई यूनियन एचएमएच से अधिक सदस्य संख्या नहीं बढ़ा सके हैं। बीएमएस तीसरे स्थान पर है।

विवाद के बाद भी इंटक दूसरे स्थान पर
सदस्य संख्या में इंटक दूसरे स्थान पर है। इंटक ने दो लाख ६१ हजार सदस्य संख्या होने का दावा किया है। यह स्थिति तब है, जब इंटक के दो गुटों में विवाद है। कंपनी ने इंटक को सभी समितियों से बाहर कर दिया है।

कर्मियों पर पड़ता है आर्थिक बोझ
कोल कर्मी प्रत्येक वर्ष यूनियन की सदस्यता राशि अपने वेतन से कटवा देते हैं। इसके अलावा कुछ लोग नगद भी सदस्यता शुल्क यूनियन को देते हैं। बताया जाता है कि कोयला कर्मी किसी यूनियन को नाराज नहीं करना चाहते। उन्हें खुश रखने के लिए एक कर्मी एक से अधिक यूनियन की सदस्यता ले लेता है। इसकी राशि भी जमा करते हैं। कोरबा एरिया में भी सत्यापन के दौरान ऐसी परिस्थितियां निर्मित होती है। हालांकि प्रबंधन यूनियन की सदस्यता जानने के लिए स्थानीय स्तर पर सत्यापन करता है। कर्मचारियों से उनकी राय भी लेता है।