
जाते-जाते साइकिल व बाइक को भी कर दिया क्षतिग्रस्त, रातभर दहशत में रहे ग्रामीण
कोरबा. बीती रात रजगामार के समीप बासीनखार में दोनों आक्रमक हाथी घुस गए। बस्ती के चार मकान को तोड़ दिया। जाते-जाते घर के बाहर पचरी में रखी बाइक और साइकिल को भी कुचल दिया।
रातभर ग्रामीण दहशत में घर के भीतर नहीं जा सके। बीते 10 दिन से एक नर और एक मादा हाथी का जोड़ा इतना अधिक आक्रमक और हिसंक होते जा रहा है कि वन विभाग को भी समझ में नहीं आ रहा है कि इनको कंट्रोल कैसे किया जाएं। दरअसल इन दोनों हाथी ने पहले फुटहामुड़ा में जैसे हिंसक होकर लोहे की खिड़की को तोड़कर दो लोगों को सूंड से पहले खींचकर मार डाला, फिर दो दिन पहले घर का दरवाजा तोड़कर सीधे कीचन में घुसकर धान को खा गए।
लगातार रजगार के समीप केराकछार, बासीनखार, गोड़मा, बताती समेत अन्य गांव व बस्ती में ये दोनों हाथी उत्पात मचा रहे हैं। बीती रात भी इन हाथियों ने बासीनखार में घुस गए। जहां चार मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी के आने से पहले ही ग्रामीण सुरक्षित जगह पर चले गए थे यही वजह है कि जनहानि नहीं हुई।
वरना जिस तरह कच्चे मकानों को हाथियों ने तोड़ा उसके मलबे में कोई भी दब सकता था। घर के बाहर रखे बाइक व साइकिल पर भी हाथी ने अपना गुस्सा उतारा। दोनों को गिराने के बाद उसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लगभग सवा घंटे तक हाथी गांव में रहा। इस बीच ग्रामीण में दहशत में रहे। रात 1 बजे से लेकर चार बजे तक ग्रामीण गांव के दूसरे कोने में छिपे रहे।
वन विभाग के पास मुनादी कराने के आलावा दूसरा विकल्प नहीं
वन विभाग के पास इन हाथियों को कंट्रोल करने के लिए किसी प्रकार का ठोस विकल्प नहीं है। सिर्फ जनहानि ना हो इसके लिए मुनादी कराया जा रहा है। इन दो हाथियों के आलावा भी कई हाथी हैं लेकिन वे इतना अधिक हिंसक नहीं हो रहे। जंगल में पर्याप्त भोजन व पानी होने की वजह से उनका जमावड़ा वहीं रहता है। बारिश के दिनों में पानी को लेकर भी बहुत ज्यादा परेशानी नहीं रहती।
Published on:
11 Aug 2018 02:44 pm
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