
गंभीर लापरवाही: इंजेक्शन लगते ही तड़पने लगा मरीज, तब नर्स ने कहा गलती हो गई, फिर कुछ देर बाद हो गई दो की मौत
कोरबा. इंजेक्शन लगाने के बाद तुरंत बाद 17 साल का किशोर तड़पने लगा। इंजेक्शन लगाने के लगभग दो मिनट बाद किशोर की मौत हो गई। इधर, परिवार ने नर्स पर दूसरे मरीज का इंजेक्शन किशोर को लगाने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया है। रिपोर्ट नहीं मिली है।
घटना शुक्रवार सुबह 9.55 बजे की बताई जा रही है। भिलाई खुर्द निवासी 17 साल के किशोर आकाश को उल्टी होने पर गुरुवार दोपहर लगभग 1.05 बजे जिला अस्पताल (District Hospital) में भर्ती किया गया था। शाम तक आकाश की हालत सामान्य हो गई थी। परिवार के सदस्य गुरुवार सुबह आकाश को अस्पताल से छुट्टी दिलाकर लेकर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इस बीच जिला अस्पताल में पदस्थ एक नर्स पहुंची।
आकाश के भाई राकेश पटेल ने बताया कि नर्स के हाथ में चार इंजेक्शन थे। नर्स आकाश के बेड नंबर 17 पर आई। उसने आकाश की नस में एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाते ही आकाश को बेचैनी होने लगी, तब नर्स ने कहा कि गलती हो गई। आकाश को दूसरे मरीज का इंजेक्शन लग गया है। इजेक्शन लगते ही तड़पने लगा। यह देखकर आकाश को राकेश और परिवार के अन्य सदस्यों ने पकड़ लिया। इसके दो-तीन मिनट के भीतर ही आकाश की मौत हो गई।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से घटना की सूचना शुक्रवार सुबह लगभग 9.55 बजे जिला अस्पताल चौकी को दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम किया है। कार्य पालिक दांडाधिकारी की उपस्थिति में परिवार के सदस्यों का बयान दर्ज किया गया है। इसमें सदस्यों ने नर्स पर दूसरे मरीज का इंजेक्शन आकाश को देने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में कार्यरत दो डॉक्टर रश्मि सिंह और एमएस कंवर ने शव का पोस्टमार्ट किया। रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
नाइट पाली की ड्यूटी मेें थी नर्स, एक हाथ में ले गई चार इंजेक्शन
बताया जाता है कि नर्स नाइट पाली की ड्यूटी में थी। गुरुवार रात आठ बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक ड्यूटी की थी। घर जाने से पहले मरीजों को इंजेक्शन लगा रही थी। मरीज की मौत के बाद नर्स चली गई। परिवार ने नर्स का नाम भी पुलिस को बताया है। इसकी जांच चल रही है।
18 बेड के मरीज की भी मौत
नर्स अपने साथ 18 नंबर बेड के मरीज की इंजेक्शन भी ले गई थी। इस बेड पर मरीज मलेरिया से पीडि़त था। उसकी हालत गंभीर थी। परिवार का आरोप है कि 18 नंबर बेड के मरीज का इंजेक्शन १७ नंबर बेड के मरीज आकाश को नर्स ने लगा दिया था। जिला अस्पताल में 18 नंबर बेड पर इलाज करा रहे मरीज की भी मौत हो गई। बताया जाता है इस मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी। हालांकि जिला अस्पताल प्रबंधन ने भी इस मरीज की मौत की सूचना अस्पताल चौकी को नहीं दी है। न ही पोस्टमार्टम कराया गया है।
- गुरुवार दोपहर एक किशोर को उल्टी की शिकायत पर भर्ती किया गया था। शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। मृतक के परिवार ने नर्स पर दूसरे मरीज का इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बयान हुआ है। दो डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। एएसआई बीडी महंत, जिला अस्पताल चौकी, कोरबा
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Published on:
11 Oct 2019 06:53 pm
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