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70 साल पुरानी सड़क जस की तस, नई बनते ही लगती है उखाड़ने

Chhattisgarh Hindi News : चिरमिरी में 70 साल पहले बनी 5-6 किलोमीटर सीसी सड़क जस की तस बेजोड़ है। सड़क पर लगातार कोयला लोड डंपर दौड़ते थे।

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70 साल पुरानी सड़क जस की तस, नई बनते ही लगती है उखाड़ने

70 साल पुरानी सड़क जस की तस, नई बनते ही लगती है उखाड़ने

योगेश चंद्रा/महेश साहू @बैकुंठपुर/बरबसपुर. चिरमिरी में 70 साल पहले बनी 5-6 किलोमीटर सीसी सड़क जस की तस बेजोड़ है। सड़क पर लगातार कोयला लोड डंपर दौड़ते थे। चिरमिरी की सड़क की खास बात यह है कि निर्माण के समय बारिश के पानी के लिए विशेष ध्यान रखा गया। यानी करीब 8 फीट सड़क के बीच में बारिश के पानी को जमीन में अवशोषित कराने दो फीट जगह छोड़ी थी। वहीं आजकल अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित सीसी सड़कें महज एक-दो साल में उखड़ रहीं हैं।

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ऐसी ग्राम पंचायत जगतपुर के आश्रित ग्राम बारबांध पहुंचने सीसी सड़क बनी थी, जो करीब दो-तीन साल के भीतर पूरी तरह से उखड़ चुकी है। बता दें कि सीसी सड़क पर वर्ष 1950 से 1973(राष्ट्रीयकरण होने) तक कोयला लोड बड़ी गाड़ियां चलती थी। वहीं राष्ट्रीयकरण होने के बाद कुछ साल तक गाडिय़ां चली थी, तब कोल कंपनी सीसी सड़क(दो फीट छोड़ी जगह सहित) के ऊपर डामरीकरण कराई थी। बुजुर्गों का मानना है कि सीसी सड़क पर 20 साल से अधिक कोयला लोड बड़ी गाडिय़ां चली थी। बावजूद आज तक सीसी सड़क जस की तस पड़ी है।

जंगल के बीच बंकर तक बनाई गई थी सड़क

जानकारी के अनुसार वेस्ट चिरमिरी में वर्ष 1950 में जंगल के बीच बंकर तक कोयला लोडिंग-अनलोडिंग करने सीसी सड़क बनाई गई थी। उस समय सीसी रोड का निर्माण प्रचलन नहीं था और एक्सपर्ट-कोयला खनन कंपनी भी किनारे रखती थी। क्योंकि सीसी निर्माण से बारिश का पानी जमीन के भीतर प्रवेश नहीं कर पाता था।

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लेकिन कोयला खनन डागा कंपनी ने विरोध को दरकिनार करते हुए लोड डंपर-वाहनों के चलने के लिए सीसी सड़क बनवाई थी। उसमें भी बारिश के पानी को जमीन के भीतर प्रवेश कराने व लागत कम करने तकनीक अपनाई गई थी। सीसी सड़क में छह किलोमीटर तक दो फीट लंबी सड़क के बीच की लागत बची थी।

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आधा दर्जन कंपनियों की बड़ी गाड़ियां चलती थीं

वर्ष 1928 में एनसीडीसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने डोमनहिल, कोरिया कालरी में भूमिगत खदान की नींव रखी थी। वर्ष 1930 में चिरमिरी कॉलरी खुली थी, लेकिन 1932 में उत्पादन शुरू हुआ और 1933 में कोयला उत्पादन 264000 टन था। 1942 में न्यू चिरमिरी कॉलरी, 1945 में प्योर चिरमिरी कॉलरी और 1946 में नॉर्थ चिरमिरी कॉलरी खुली थी। साथ ही न्यू चिरमिरी पोंड़ी हिल्स, पश्चिम चिरमिरी, डोमनहिल और कोरिया कॉलरी में खदानें चलने लगी थी। कई प्राइवेट कंपनी के स्वामित्व में थी। इन्हीं कंपनियों की गाड़ियां सीसी रोड पर चलती थीं।