
Angry villagers Protest with lantern
बैकुंठपुर. Black out: एमसीबी के वनांचल ब्लॉक भरतपुर के ८६ गांव में आए दिन ब्लैक ऑउट जैसी स्थिति निर्मित होने से नाराज ग्रामीण सडक़ पर उतर गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को ब्लॉक मुख्यालय जनकपुर के मनेंद्रगढ़ तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। बिजली कटौती से इतने परेशान हैं, कि सुबह 6 बजे से तिराहे पर पहुंच गए। फिर जनकपुर-मनेंद्रगढ़ मार्ग से आवागमन ठप कर दिया।
चांग भखार क्षेत्र समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीण निर्धारित समय सुबह 6 से चक्काजाम कर धरने पर बैठ गए। मामले की जानकारी के बाद हडक़ंप मच गया और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचकर समझाइश देने लगा।
ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोटाडोल, कुंवारपुर, कंजिया, माड़ीसरई सहित दर्जनों गांव में बिजली की आंख मिचौली ठीक नहीं हो पाई है। यह भी आरोप लगाया कि बिजली कंपनी के अधिकारी फोन पर कोई जवाब नहीं देते हैं। वनांचल क्षेत्र के कारण अंधेरे में जंगली जानवर, सांप बिच्छु का हमेशा डर बना रहता है।
ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देने भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे। जिला पंचायत सदस्य रविशंकर सिंह, जनपद उपाध्यक्ष दुर्गा शंकर मिश्रा सहित अन्य कार्यकर्ता चक्काजाम में शामिल होकर बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि इस सप्ताह मंगलवार-बुधवार को करीब 16 घंटे बिजली गुल रही।
एसडीएम मूलचंद चोपड़ा, एसडीओपी राकेश कुर्रे, प्रभारी तहसीलदार विप्लव श्रीवास्तव की मौजूदगी में सहायक अभियंता वितरण ने लिखित आश्वासन दिया है। मामले में चार घंटे बाद सुबह करीब पांच घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया गया। हालाकि चक्काजाम करने अवधि सुबह 6 से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित थी।
मनेंद्रगढ़ से 130 किमी दूर भरतपुर में होती है बिजली आपूर्ति, जंगल में फॉल्ट आने पर ढूंढना मुश्किल
एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से करीब 130 किलोमीटर दूर भरतपुर में बिजली आपूर्ति होती है। सब स्टेशन मनेंद्रगढ़ से चैनपुर, घुटरा, केल्हारी-बहरासी से होकर जनकपुर बिजली आपूर्ति होती है।
बारिश पानी में घनघोर जंगल के बीच फॉल्ट होने पर ढूंढना बहुत मुश्किल होता है। खासकर रात में फॉल्ट होने पर बिजली कंपनी भी नहीं खोजती है, क्योंकि जंगली जानवरों का भय बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बमुश्किल महज दो-तीन घंटे ही बिजली मिलती है। कई बार दो-दो, तीन-तीन दिन बिजली गुल रहती है।
यह आश्वासन मिला
-33 केवी केल्हारी विद्युत लाइन में फॉल्ट या बे्रकडाउन होने पर घुटरा सब स्टेशन तक सप्लाई बहाल, फॉल्ट अटेंड करने की मनेंद्रगढ़ उप संभाग ग्रामीण व केल्हारी स्टाफ की जिम्मेदारी होगी।
- केल्हारी वितरण केंद्र में लाइन स्टाफ की अतिरिक्त पदस्थापना करने मांग पत्र भेजा जाएगा।
-केल्हारी से जनकपुर तक 33 केवी लाइन में फॉल्ट होने पर उप संभाग मनेंद्रगढ़ के केल्हारी व जनकपुर वितरण केंद्र के स्टाफ मरम्मत करेंगे।
छत्तीसगढ़ में सरप्लस बिजली लेकिन जनता अंधेरे में रहने को विवश
ग्रामीणों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में सरप्लस बिजली है और जीरो पावर कट स्टेट का दर्जा मिला है। लेकिन प्रदेश के पहले विधानसभा क्षेत्र की जनता जंगली जानवारों के बीच खतरे व अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
छत्तीसगढ़ बनने के करीब 18 साल तक मध्यप्रदेश से बिजली आपूर्ति होती थी। भरतपुर ब्लॉक में करीब 4-5 साल से छत्तीसगढ़ से बिजली आपूर्ति होती है। लेकिन लचर व्यवस्था से ग्रामीण परेशान हो गए हैं।
Published on:
14 Jul 2023 07:03 pm

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