
Bus accident
बैकुंठपुर. कोरिया जिले के चिरमिरी से 65 कॉलरीकर्मियों को लेकर एसईसीएल की अनुबंधित बस मंगलवार की सुबह रानी अटारी एवं विजय वेस्ट माइंस जा रही थी। बस डोमनहिल के सोनावनी नाके से आगे रोडसेल की ट्रक से टकरा गई। हादसे में बस में सवार 35 कॉलरीकर्मी घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
वहां से गुजर रहे लोगों द्वारा बाइक, महतारी एक्सप्रेस व अन्य साधनों से अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से 6 की गंभीर स्थिति को देखते हुए अपोलो बिलासपुर के लिए रेफर किया गया है। वहीं हादसे के 4 घंटे बाद भी एसईसीएल के अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से श्रमिकों में आक्रोश है।
गौरतलब है कि एसईसीएल द्वारा नर्मदा-साक्षी बस क्रमांक एमपी 18 पी-2277 को कॉलरीकर्मियों को खदान तक लाने व वापस छोडऩे के लिए अनुबंधित किया गया है। मंगलवार की सुबह बस 65 कॉलरीकर्मियों को लेकर रानी अटारी एवं विजय वेस्ट माइंस जा रही थी।
वह डोमनहिल के सोनावनी नाके से महज 2 किमी की दूरी पर के छत्तीस मोड़ के पांचवे गोलाई में सामने से आ रहे रोड सेल के ट्रक से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बस में सवार 35 से ज्यादा कर्मी घायल हो गए।
हादसे के बाद वहां से गुजर रहे लोगों द्वारा घायलों को बाइक, महतारी एक्सप्रेस व अन्य साधनों ने रीजनल हॉस्पिटल कुरासियां में भर्ती कराया गया। यहां 6 कर्मचारियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए अपोलो बिलासपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
इधर घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी केके शुक्ला मौके पर पहुंचे और भाग रहे ट्रक को पकडऩे घेराबंदी कराई। इसी बीच मौका देखकर चालक बेरियर के पास ट्रक खड़ा कर फरार हो गया।
इन घायलों को भेजा गया अपोलो
बस दुर्घटना में 35 घायलों में 6 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इन्हें डॉक्टरों द्वारा अपोलो बिलासपुर रेफर किया गया। जिन घायलों को रेफर किया गया है, उनमें मोहसिन रजा, चंद्रमनी राव, सुमित कोडिया, अश्वनी सिंह, आकाश घोषाल, व वासु देव बांतिया शामिल हैं।
4 घंटे बाद भी नहीं पहुंचे अधिकारी
बस दुर्घटना में 3 दर्जन कॉलरीकर्मी घायल हुए। इसके बावजूद एसईसीएल का कोई भी अधिकारी न तो मौके पर पहुंचा और न ही अस्पताल। इसे लेकर श्रमिकों में आक्रोश है। घायलों का कहना है कि हर दिन जर्जर बस में जान हथेली पर लेकर वे सफर करते हैं लेकिन न तो अधिकारी ध्यान देते हैं और न ही पुलिस अधिकारी।
35 सीटर है बस, मेंटेनेंस नहीं
बताया जा रहा है कि एसईसीएल द्वारा अनुबंधित बस 35 सीटर ही है। जबकि भेड़-बकरियों की तरह ठूंसकर इसमें 65 कॉलरीकर्मी हर दिन खदान आना-जाना करते हैं। बस भी मेंटेनेंस नहीं रहती है। ऐसे में आए दिन दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। पखवाड़ेभर पूर्व भी कॉलरीकर्मियों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसके बाद भी स्थिति जस की तस है।
Published on:
23 Oct 2018 01:21 pm
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