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CG land scam: शासकीय जमीन का फर्जीवाड़ा कर बिक्री, स्टांप ड्यूटी की भी चोरी, पटवारी समेत 4 खरीदार के खिलाफ एफआईआर

CG land scam: मनेंद्रगढ़ के चैनपुर स्थित लीज से मिली जमीन में गड़बड़ी, नामांतरण निरस्त होने के बाद पटवारी ने नए तहसीलदार को धोखे में रखकर जमीन का कराया नामांतरण

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CG land scam

बैकुंठपुर. CG land scam: मनेंद्रगढ़-चैनपुर में शासन से मिली जमीन का फर्जीवाड़ा (CG land scam) तथा स्टांप ड्यूटी चोरी करने के मामले में पुलिस ने पटवारी सहित 4 आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मनेंद्रगढ़ तहसीलदार यादवेंद्र कुमार कैवर्त की रिपोर्ट पर पुलिस ने हरजीत सिंह छाबड़ा ऊर्फ टीटू सरदार, हरप्रीत कौर चावड़ा, बलदीप सिंह चावला व पटवारी सिमोन लाल के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।


तहसीलदार के आवेदन में उल्लेख है कि सुरेश पुरी की ओर से कलेक्टर के समक्ष शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया है कि टीटू सरदार द्वारा पटवारी से साठगांठ कर ग्राम चैनपुर की शासन से प्राप्त भूमि को षडयंत्रपूर्वक फर्म बनाकर बिना कलेक्टर की अनुमति लिए ही लाखों की स्टाम्प चोरी कर कय-विक्रय (CG land scam) कर शासन को चूना लगाया गया है।

मामले में राजस्व निरीक्षक ग्रामीण मनेन्द्रगढ़ से जांच कराई गई। इसकी रिपोर्ट 27 दिसंबर 2023 को सौंपी गई। इसमें उल्लेख है कि ग्राम चैनपुर पटवारी हल्का नंबर-9 में स्थित भूमि मिशल बन्दोबस्त वर्ष 1944-45 में मूल खसरा क्रमांक 177, रकबा 13.00 एकड़ शासकीय भूमि मद घास में दर्ज है।

प्रस्तुत अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 की सत्यप्रतिलिपि में मूल खसरा क्रमांक 177 के दो बटा नम्बर खसरा क्रमांक 177/1 रकबा 12.88 एकड़ भूमि शासकीय छोटे झाड़ का जंगल मद और खसरा कमांक 177/2 रकबा 0.12 एकड़ भूमि चरकू-झरिया भूमिधारी के नाम पर दर्ज है। वहीं सीताराम पिता ननका के नाम पर खसरा 177 रकबा 3.00 एकड़ भूमि दर्ज है।

मूल खसरा 177 के दो बटा नंबर का कोई उल्लेख नहीं है। यह भूमि सीताराम को प्रकरण 14/3/1965-66 के अनुसार जमीन लीज पट्टा तहसीलदार मनेन्द्रगढ़ से 30 मई १965 को लगानी 180 रुपए पटाने पर 5 साल वर्ष 1970 तक के लिए लीज पर दी गई थी। साथ ही ग्राम चैनपुर का वर्ष 1973-74 से 1977-78 तक व वर्ष 1978-79 से 1982-83 तक का खसरा पांचशाला की सत्यापित प्रति प्रस्तुत है।

जिसमें खसरा 177/1 रकबा 4.78/1.935 एकड़/हेक्टेयर भूगि करमचन्द मनेन्द्रगढ़ भूमिस्वामी के नाम पर दर्ज है। लेकिन भूमि करमचन्द को किस आदेश व अधिकार से प्राप्त हुई है, इसका उल्लेख प्रस्तुत नकल में नहीं है। शिकायतकर्ता ने दशमेश कंस्ट्रक्शन द्वारा 10 मार्च 2021 को बिक्री की गई भूमि का विक्रय पत्र की छायाप्रति प्रस्तुत किया है।

इसमें विक्रेता अजय पिता करमचन्द अरोड़ा निवासी आर-64 रामा लाइफ सिटी फेस-3, सकरी तखतपुर बिलासपुर लिखा गया है। उसने भूमि खसरा 177/10 रकबा 0.152 हेक्टेयर में से रकबा 0.113 हेक्टेयर क्रेतागण दशमेश कंस्ट्रक्शन पता स्टेशन रोड एक्सिस बैंक के पास मनेन्द्रगढ़ को विक्रय किया है।

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इन्हें बिक्री की गई जमीन

इस मामले में कंस्ट्रक्शन के पार्टनर हरजीत सिंह छाबड़ा पिता स्व रावेल सिंह छाबड़ा, हरप्रीत कौर चावला पिता हरजीत सिंह छाबड़ा निवासी जेकेडी रोड मनेन्द्रगढ़, बलदीप सिंह चावला पिता हरजिन्दर सिंह चावला निवासी जेकेडी रोड सार्इं बाबा तिराहा मनेन्द्रगढ़ को विक्रय किया गया है।

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नए तहसीलदार को धोखे में रख कराया नामांतरण

तत्कालीन तहसीलदार ने 20 मार्च 2021 को अपूर्ण दस्तावेज होने के कारण नामांतरण निरस्त कर दिया था। फिर उनका स्थानान्तरण होने के बाद तत्कालीन पटवारी सिमोनलाल ने पहले निरस्त नामांतरण आवेदन को पुन: अपनी आईडी से दर्ज किया। नए तहसीलदार को धोखे में रखकर नामांतरण प्रतिवेदन अपलोड कर दिया।

इससे नए तहसीलदार ने नामांतरण आदेश पारित कर दिया। राजस्व निरीक्षक ग्रामीण मनेन्द्रगढ़ के प्रतिवेदन के साथ संलग्न पंचनामा 28 मार्च 2022 में तत्कालीन पटवारी ने ग्राम चैनपुर स्थित भूमि खसरा 177/24 रकबा 0.113 हेक्टेयर भूमि हरजीत सिंह छाबड़ा, हरप्रीत कौर चावला एवं बलदीप सिंह चावला के नाम पर राजस्व अभिलेखों मे दर्ज होने का उल्लेख किया है। मामले में तत्कालीन पटवारी ने नामांतरण में धांधली की है।