
ग्राम नवाडीह की 500 आबादी को ढोढ़ी का पानी पीने की मजबूरी
बैकुंठपुर। Chhattisgarh News: शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण नवाडीह गांव की करीब 500 आबादी ढोढ़ी का पानी पीने को मजबूर है। वर्षों से गांव मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा है। गांव में चलने को ढंग की सड़क तक नहीं बनी है। जिससे ग्रामीण स्कूलपारा से लेकर नवाडीह तक करीब तीन किलोमीटर तक कच्ची व उबड़-खाबड़ पगडंडीनुमा सड़क से आवागमन करते हैं।
एमसीबी जिले के विकासखंड मनेद्रगढ़ में ग्राम पंचायत सरभोका स्थित है। उसका आश्रित ग्राम नवाडीह है। गांव में करीब 500 जनसंख्या निवासरत हैं। जो आज मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव तक पहुंचने के लिए न सड़क है और न ही पानी कीकोई व्यवस्था है। ग्रामीणों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन सौंपकर गांव में सुविधाएं देने मांग कर चुके हैं। लेकिन चुनाव के बाद सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। आज तक गांव में मूलभूत की सुविधाएं नहीं मिल पाई है। कच्ची सड़क में एक पुरानी पुलिया ह्यूम पाइप से बनाई गई है। उसको भी उखाड़ दिया गया है। ह्यूम पाइप को अन्यत्र लगा दिया गया है। वहीं जिस जगह से पाइप निकाले हैं, वहां नई पुलिया भी नहीं बन पाई है। जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में समस्या का सामना करना पड़ता है। सड़क पर बरसात का पानी बहने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। ग्राम पंचायत द्वारा बरसात से पहले मुरुम डलवाया गया था। लेकिन बरसात में मुरुम पूरी तरह बह गया है।
सिर्फ एक ढोढ़ी पर पूरा गांव आश्रित है
ग्राम पंचायत के अनुसार पानी पीने के लिए मात्र एक ढोढ़ी का सहारा है। कुछ साल पहले बोर खनन कराया गया था। लेकिन एक भी बोर सक्सेस नहीं हुआ। फिलहाल 500 आबादी सिर्फ एक ढोड़ी पर आश्रित है। वहीं दूसरी ओर जल जीवन मिशन के तहत भी अभी तक कुछ काम नहीं हो पाया है।
कई बार मांग किए हैं
प्रस्ताव बनाकर पुलिया और सड़क निर्माण कराने जनप्रतिनिधि के पास भेजा गया है। कई बार से याद दिलाते हैं, लेकिन आज तक सड़क और पुलिया नहीं बन पाई है। पानी की भी समस्या है। जल जीवन मिशन में फॉरेस्ट का अड़ंगा आ रहा था, लेकिन परमिशन ले लिया गया है। - उपेंद्र सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत सरभोका
Published on:
16 Oct 2023 03:24 pm
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