
Swimming pool
बैकुंठपुर. कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ नगरपालिका में स्वीकृत 1.12 करोड़ की लागत से बनने वाला स्वीमिंग पूल करीब 12 साल से अधूरा पड़ा है। निर्माण कराने के नाम पर करीब 80 लाख खर्च कर स्वीमिंग पूल (Swimming pool) को अधूरा छोड़ दिया गया है। अब यह पूल खंडहर में तब्दील हो रहा है।
उधर 12 साल से निर्माण संबंधी सारे दस्तावेज एसडीएम कार्यालय में धूल फांक रहे हैं। जांच रिपोर्ट का अता-पता नहीं है। यह प्रदेश की पहली नगरपालिका है जहां स्वीमिंग पूल स्वीकृत हुआ था।
मनेंद्रगढ़ के तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा के कार्यकाल में नपा मनेंद्रगढ़ स्थित सुरभि पार्क का सौंदर्यीकरण व स्वीमिंग पूल निर्माण कराने 1 करोड़ 11 लाख 54 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। नपा ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम ठेकेदार को सौंप दिया गया था।
इसी बीच शहर की सरकार बदल गई। नई शहर सरकार ने मनमानी कर स्वीमिंग पूल में लगने वाली सामग्री व उपकरण की बिना टेस्टिंग कराए ही ठेकेदार को भुगतान कर दिया। तत्कालीन नपाध्यक्ष ने गोलमाल की जानकारी मिलने के बाद शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले में एसडीएम मनेंद्रगढ़ ने स्वीमिंग पूल निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। साथ ही स्वीमिंग पूल निर्माण से संबंधित सारे दस्तावेज जब्त कर जांच टीम बनाई गई थी। फिलहाल एक दशक बीत जाने के बाद एसडीएम कार्यालय में फाइल धूल फांक रही है।
एसडीएम की जांच रिपोर्ट का अता-पता नहीं है। हालांकि स्वीमिंग पूल निर्माण कराने के नाम पर करीब 80 लाख खर्च हो चुके हैं। पूल के नाम पर निर्मित स्ट्रक्चर खंडहर में तब्दील होने लगी है।
एसडीएम कार्यालय में धूल फांक रही फाइल
तत्कालीन नपाध्यक्ष पटवा की शिकायत पर एसडीएम ने स्वीमिंग पूल निर्माण की फाइल जब्त कर जांच कमेटी बनाई थी। इतने साल बाद भी जांच की रिपोर्ट नगरपालिका कार्यालय को नहीं मिली है। फिलहाल नपा जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रही है। नपा द्वारा एसडीएम कार्यालय को पत्र लिखकर फाइल सहित मूल नस्ती उपलब्ध कराने मांग भी की जा चुकी है।
बहुत पुराना है पूल का काम
स्वीमिंग पूल का कार्य बहुत पुराना है। उस फाइल का अध्ययन करने के बाद ही इस कार्य के संबंध में बेहतर बता पाउंगा।
इशहाक खान, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनेंद्रगढ़
Published on:
10 Jul 2021 12:20 am
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