9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेटी बोली- पिता का अंतिम संस्कार करने पर मां के साथ समाज ने किया था ये, अब…

0 मां के दशगात्र कार्यक्रम में भी डाला जा रहा अड़ंगा, पीडि़ता बेटी ने विधिक सेवा प्राधिकरण, एसपी व समाज को लेटर लिख लगाई गुहार

2 min read
Google source verification
Daughter

Daughter with his son

बैकुंठपुर. पति की मौत के बाद पत्नी ने उसका अंतिम-संस्कार क्या कर दिया, समाज ने इसके लिए उसे अपने समाज से ही बहिष्कृत कर दिया। पिछले 10 वर्ष से दंश झेल रही पीडि़ता के घर समाज के लोगों का आना-जाना नहीं है। 27 मई को उसकी भी मौत हो गई।

अब उसकी बेटी ने अपनी मां के दशगात्र कार्यक्रम में समाज द्वारा अड़ंगा डालने का भी आरोप लगाया है। पीडि़ता ने इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरिया एसपी व समाज के पदाधिकारियों को लेटर लिखकर इस दंश से छूटकारा दिलाने की मांग की है। पीडि़ता साहू समाज से वास्ता रखती है।

कोरिया बैकुंठपुर वार्ड क्रमांक-४ सागरपुर निवासी प्रभावती पति स्व महिपाल साहू ने बताया कि वर्ष 2008 में उसके पिता रामलेखावन साहू का निधन हो गया था। पिता का अंतिम संस्कार सहित अन्य कार्य स्वयं उसकी मां ने कर दिया था। इस दौरान गांव के साहू समाज ने दाह संस्कार में रुकावट डाला था।

वहीं दशकर्म, चंदनपान सहित अन्य कार्यक्रम करने से वंचित कर समाज से भी बेदखल कर दिया है। मामले में पीडि़त परिवार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस अधीक्षक, साहू समाज के अध्यक्ष-सचिव को चिट्टी लिखकर अत्याचार, दोषारोपण व कुरीतियों के निराकरण की गुहार लगाई।

पीडि़ता प्रभावति ने अपने पत्र में लिखा है कि उनकी मां जयमनिया बाई का निधन 27 मई रात 9 बजे हो गया। बुधवार सुबह ११ बजे से उनके निवास में दशगात्र, चंदनपान सहित अन्य कार्यक्रम रखा गया है।

इसमें सागरपुर साहू समाज के लोग हस्तक्षेप कर अड़ंगा लगाने पर तुले हैं। वहीं सामाजिक कार्यक्रम में गांव से कोई भी सदस्य शामिल नहीं हुए। हालांकि साहू समाज से जुड़े अन्य गांव के लोग पहुंचे हैं।


बेदखल करने से बच्चों के शादी-ब्याह में परेशानी
पीडि़त परिवार की सदस्य प्रभावती ने बताया कि पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार व अन्य कार्यों को लेकर सामाजिक रीति-रिवाज के तहत कुछ जुर्माना लगाया गया था। इस दौरान गांव के समाज के मुखिया व बुजुर्गों की बात अलग-अलग होने के कारण बात नहीं बनी और परिवार को समाज से बेदखल कर दिया गया है। पीडि़त परिवार पिछले 10 साल से सामाजिक कार्यक्रम से बहिष्कृत है। इससे बच्चों के शादी-ब्याह में भी परेशानी होने लगी है।


समाज के साथ बैठकर सुलझाएंगे समस्या
परिवार को समाज से बेदखल करने की जानकारी नहीं है। मामले में गांव के स्थानीय बड़े बुजुर्ग व समाज के सदस्यों के साथ बैठक में चर्चा कर समस्या सुलझाएंगे।
कुबेर साहू, उपाध्यक्ष जिला साहू संघ कोरिया