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उपार्जन केंद्रों में बोहनी नहीं, गोदाम में पड़ी रहीं इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीनें

CG News : खरीफ सीजन-2023 में धान उपार्जन के पहले दिन बुधवार को सहकारी समितियों में सन्नाटा पसरा रहा।

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उपार्जन केंद्रों में बोहनी नहीं, गोदाम में पड़ी रहीं इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीनें

उपार्जन केंद्रों में बोहनी नहीं, गोदाम में पड़ी रहीं इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीनें

बैकुंठपुर। CG News : खरीफ सीजन-2023 में धान उपार्जन के पहले दिन बुधवार को सहकारी समितियों में सन्नाटा पसरा रहा। स्टाफ कार्यालय में दिनभर बैठ किसानों का इंतजार करते नजर आए। पहले दिन एक भी किसान टोकन कटवाने नहीं पंहुचे।

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कृषि विभाग का कहना है कि सहकारी समितियों द्वारा पंजीकृत किसानों के डाटा को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए मान्य किया जाएगा। उपार्जित मात्रा के आधार पर अनुपातिक रकबा ज्ञात कर सहायता राशि की गणना की जाएगी। पंजीकृत किसानों को धान उपार्जन वर्ष 2023-24 के लिए नॉमिनी नामांकन अनिवार्य है। इस साल से धान उपार्जन के लिए बॉयोमेट्रिक प्रमाणीकरण अपनाया जाएगा।

हालांकि बायोमेट्रिक मशीन नहीं मिलने के कारण नियम को शिथिल किया गया है। कोरिया में कुल 22923 किसान समर्थन मूल्य पर धान बिक्री करेंगे। इसमें 20722 पुराने और 2201 नए पंजीकृत किसान शामिल हैं।

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इस साल दो नए केंद्र छिंदिया और अकलासराई खोलने को मंजूरी मिली है। खरीफ सीजन 2023-24 के लिए समर्थन मूल्य पर 131149.80 मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य है। वहीं खरीफ वर्ष 2023-24 में जिले में 22 हजार 329 किसानों को अब-तक 50 करोड़ से अधिक कृषि ऋण वितरण किया जा चुका है। यह आंकड़ा सिर्फ खरीफ सीजन का है।