
बैकुंठपुर. ग्राम पंचायत घुघरा और कुशाहा के बीच हसदेव नदी पर पुलिया निर्माण के लिए 28 लाख के बजट को संशोधित कर 50 लाख खर्च करने का नया इस्टीमेट बना दिया गया है। जिसमें करीब दो साल बाद बनने वाली पुलिया के निर्माण में लगने वाले सरिया में डण्डी मारने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने मापदण्ड के हिसाब से सरिया नहीं लगाने से पुलिया की नींव कमजोर होने की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार जिला खनिज न्यास से अप्रैल 2016 में ग्राम पंचायत घुघरा और कुशाहा के बीच हसदेव नदी पर पुलिया निर्माण कराने के लिए 27.920 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग बैकुंठपुर ने पुलिया निर्माण स्थल का मूल्यांकन कर इस्टीमेट बनाया था। जिसमें लागत से अधिक खर्च का जिक्र किया गया था।
इस दौरान पुलिया निर्माण करीब दो साल तक रोक रखी थी। निर्माण एजेंसी ने पुलिस निर्माण कराने दोबारा प्रशासकीय स्वीकृति ली। पुलिया निर्माण की लागत बढ़कर 50 लाख रुपए हो गई है। जिसमें जिला खनिज न्यास से 38.82 लाख और महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना से मजदूरी भुगतान करने 10.95 लाख रुपए का बजट दिया गया है। करीब एक महीने पहले पुलिया निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस दौरान निर्माण एजेंसी ने भारी भरकम मशीन से चट्टान तोड़ी और नींव के लिए गड्ढे खोदवाए हैं।
वहीं मॉनीटरिंग नहीं होने के कारण पुलिया की नींव में लगने वाले सरिया और गिट्टी-सीमेंट व रेत के मिश्रण में कंजूसी करने का आरोप लगाया गया है। हालाकि मॉनीटरिंग करने वाले तकनीकी अधिकारी का कहना है कि निर्माण कार्य मापदण्ड के अनुरूप और गुणवत्तायुक्त हो रहा है।
मनरेगा से मजदूरी भुगतान पर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस निर्माण स्थल पर चट्टान तोडऩे, नींव खोदने और सीमेंट-गिट्टी व रेत का मिश्रम बनाने सहित अन्य कार्य मशीन से कराई जा रही है।
जिससे मनरेगा से मजदूरी भुगतान करने पर सवाल उठाए हैं। मजदूरी भुगतान में भारी गड़बड़ी होने की आशंका जताई है। ग्रामीणों ने मापदण्ड के हिसाब से सामग्री मिश्रण नहीं मिलाने और नींव व बीम निर्माण में निर्धारित से कम मोटाई का सरिया लगाने का आरोप लगाया है। जबकि स्थानीय तकनीकी अधिकारी ने १६ व अधिक एमएम का सरिया लगाने का जिक्र किया था। गौरतलब है कि निर्माण कार्य में काम करने वाले को मनरेगा से मजदूरी भुगतान करने 10.95 लाख रुपए दिया गया है।
विकासखण्ड से आधा दर्जन पंचायत जुड़ जाएंगे
ग्रामीणों का कहना है कि हसदेव नदी पर पुलिया निर्माण होने से आधा दर्जन ग्राम पंचायत की दूरी कम हो जाएगी और कम समय में विकासखण्ड मुख्यालय पहुंच जाएंगे। वर्तमान में ग्रामीणों को विकासखण्ड मुख्यालय सोनहत पहुंचने के लिए 40-45 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।
पुलिया निर्माण कार्य की मॉनीटरिंग करने मुझे जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिससे लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। निर्माण में किसी प्रकार की गड़बड़ी व लापरवाही नहीं बरती जा रही है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से अन्य जानकारी मिल पाएगी।
अशोक बैरागी, तकनीकी सहायक विकासखण्ड सोनहत
Updated on:
17 Feb 2018 12:37 pm
Published on:
17 Feb 2018 12:37 pm
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